धर्मपाल सिंह (Dharampal Singh) उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं. भाजपा ने 5 अक्टूबर 2026 को उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होना है. वे कई बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं. उनका संबंध उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से है और वह लोधी परिवार से आते हैं.
धर्मपाल सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार में पहली बार 19 मार्च 2017 से सिंचाई विभाग (कैबिनेट मंत्री) की जिम्मेदारी संभाली थी, जिस पद पर वे अगस्त 2019 तक रहे. मौजूदा योगी सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास जैसे अन्य विभागों के मंत्री हैं.
धर्मपाल सिंह ने अपनी उच्च शिक्षा एम. जे. पी. रोहिलखंड विश्वविद्यालय से प्राप्त की. उन्होंने एलएलबी, बीएड और एमए की डिग्री हासिल की. शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया.
धर्मपाल सिंह लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं. वह पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं. उन्होंने बरेली जिले की आंवला विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया है. वह भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर इस क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ते रहे हैं.
वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में धर्मपाल सिंह ने आंवला विधानसभा सीट से जीत दर्ज की. इस चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार सिद्ध राज सिंह को हराया था. इसके बाद वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.
आंवला विधानसभा क्षेत्र बरेली जिले की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में से एक है. धर्मपाल सिंह का राजनीतिक करियर मुख्य रूप से इसी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश की राज्य राजनीति से जुड़ा रहा है. वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर परिणाम साफ हो गए हैं, जहां बीजेपी के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में न होने के कारण बिना मतदान के ही सभी 10 नेताओं की जीत घोषित कर दी गई है.
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की समय-सीमा पूरी होने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की. बीजेपी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो प्रत्याशी उच्च सदन पहुंचे. उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर होने के कारण मतदान नहीं हुआ. सपा के धनराज नथवानी ने निर्वाचित होने पर अखिलेश यादव और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया.
उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों का पत्ता काट दिया है. 8 नए चेहरों पर दांव लगाया है. पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सोशल इंजीनियरिंग की मजबूत जमीन तैयार कर दी है.