भावना कंठ (Bhawana Kanth) भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट के तौर पर जानी जाती हैं. उन्होंने उस दौर में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कदम रखा, जब महिलाओं को फाइटर पायलट के रूप में शामिल करने की प्रक्रिया प्रयोग के तौर पर शुरू की गई थी. भावना कंठ के साथ मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी भी इस कार्यक्रम के लिए चुनी गई थीं.
तीनों महिला अधिकारियों को जून 2016 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्क्वाड्रन में शामिल किया गया था. उस समय तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उन्हें औपचारिक रूप से कमीशन प्रदान किया था. इसके बाद भावना कंठ ने फाइटर पायलट के तौर पर अपनी ट्रेनिंग पूरी की.
मई 2019 में भावना कंठ ने फाइटर एयरक्राफ्ट से कॉम्बैट मिशन के लिए क्वालिफाई किया. इसके साथ ही वह भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनी, जो फाइटर एयरक्राफ्ट से युद्धक मिशन करने के लिए योग्य हुईं.
भावना कंठ का जन्म 1 दिसंबर 1992 को बिहार के दरभंगा (Darbhanga, Bihar) में हुआ था. उनके पिता तेज नारायण कंठ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के तौर पर काम करते हैं. उनकी मां राधा कंठ गृहिणी हैं.
बचपन से ही भावना कंठ की खेलों में रुचि थी. वह खो-खो, बैडमिंटन और तैराकी जैसे खेल खेलती थीं. उन्हें पेंटिंग में भी दिलचस्पी थी.
भावना कंठ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बरौनी रिफाइनरी स्थित DAV पब्लिक स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए राजस्थान के कोटा का रुख किया. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बेंगलुरु के BMS कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.
उन्होंने 2014 में इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की. इसके बाद उनका चयन आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में हुआ. हालांकि बाद में उन्होंने भारतीय वायुसेना में शामिल होने का रास्ता चुना और फाइटर पायलट के रूप में अपना करियर शुरू किया.
भारतीय वायुसेना की स्क्वॉड्रन लीडर भावना कंठ पहली महिला फाइटर पायलट बन गईं जिन्होंने प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा किया. यह उपलब्धि महिलाओं की लड़ाकू भूमिका में बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है.