अरब सागर
अरब सागर (Arabian Sea) उत्तरी हिंद महासागर का एक क्षेत्र है. यह उत्तर में पाकिस्तान, ईरान और ओमान की खाड़ी, पश्चिम में अदन की खाड़ी, गार्डाफुई चैनल और अरब प्रायद्वीप, दक्षिण-पूर्व में लक्षद्वीप सागर, दक्षिण-पश्चिम में सोमालिया और मालदीव, और पूर्व में भारत से घिरा है (Arabian Sea Geographical Location). इसका कुल क्षेत्रफल 38,62,000 वर्ग किमी है (Arabian Sea Area). इसकी अधिकतम गहराई 4,652 मीटर है (Arabian Sea Depth).
समुद्र का नाम अरब के नाम पर रखा गया है, जो समुद्र के पश्चिम में स्थित क्षेत्र का ऐतिहासिक नाम है. हिंदी में यह अरब सागर के नाम से जाना जाता है (Arabian Sea Name).
अरब सागर की अधिकतम चौड़ाई लगभग 2,400 किमी है, और इसकी अधिकतम गहराई 4,652 मीटर है. इस समुद्र में बहने वाली सबसे बड़ी नदी सिंधु नदी है. अरब सागर की दो महत्वपूर्ण शाखाएं हैं - दक्षिण-पश्चिम में अदन की खाड़ी, बाब-अल-मंडेब की जलडमरूमध्य के माध्यम से लाल सागर से जुड़ती है, और उत्तर-पश्चिम में ओमान की खाड़ी, फारस की खाड़ी से जुड़ती है. भारतीय तट पर खंभात और कच्छ की खाड़ी भी हैं (Arabian Sea Geography).
तीसरी या दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व से अरब सागर को कई महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों से पार किया जाता रहा है. इसके प्रमुख बंदरगाहों में भारत में कांडला पोर्ट, मुंद्रा पोर्ट, पिपावाव पोर्ट, दहेज पोर्ट, हजीरा पोर्ट, मुंबई पोर्ट, न्हावा शेवा पोर्ट (नवी मुंबई), मोरमुगाओ पोर्ट (गोवा), न्यू मैंगलोर पोर्ट और कोच्चि पोर्ट पोर्ट शामिल हैं. पाकिस्तान में कराची पोर्ट, कासिम पोर्ट, और ग्वादर बंदरगाह शामिल हैं (Arabian Sea Ports). ईरान में चाबहार बंदरगाह और ओमान में सलालाह बंदरगाह हैं. अरब सागर के सबसे बड़े द्वीपों में सोकोत्रा (यमन), मासीराह द्वीप (ओमान), लक्षद्वीप (भारत) और अस्तोला द्वीप (पाकिस्तान) शामिल हैं (Arabian Sea Island). अरब सागर पर तटरेखा वाले देश यमन, ओमान, पाकिस्तान, ईरान, भारत और मालदीव हैं (Arabian Sea Coast Line).
मुंबई के जुहू बीच पर भारी बारिश और ज्वार के बाद बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया है. बीएमसी के अनुसार समुद्र से हर दिन करीब 350 मीट्रिक टन कचरा तट पर पहुंच रहा है. सफाई अभियान के तहत पिछले 10 दिनों में 1800 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया है. इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
19-20 जुलाई से मॉनसून की वापसी हो रही है. उत्तर और पूर्वी भारत में पंजाब से बंगाल तक भारी बारिश की संभावना. उत्तराखंड-हिमाचल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, जबकि अन्य राज्यों में बिखरी बारिश होगी.
हवाई सुरक्षा से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ घंटे सबसे अहम माने जाते हैं. ऐसे मामलों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल, नेवी, एयरफोर्स और समुद्री एजेंसियां मिलकर समय के खिलाफ दौड़ शुरू करती हैं. पाकिस्तान में भी एक कार्गो विमान के अचानक लापता होने के बाद कई एजेंसियों को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है.
दिल्ली में आसमान में घने बादल छा रहे हैं लेकिन बारिश नहीं हो रही है. मॉनसून रुका हुआ है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अल-नीनो, हवा का रुख और जलवायु परिवर्तन के कारण देरी हो रही है.
अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के MH-60S सीहॉक हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग करनी पड़ी. हादसे में तीन क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक अब भी लापता है. अमेरिकी नौसेना उसकी तलाश में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही है.
ईरान-अमेरिका संघर्ष विराम के बावजूद भारतीय नौसेना खाड़ी में अपनी तैनाती बनाए रखेगी. ऑपरेशन संकल्प के तहत युद्धपोत, हेलिकॉप्टर और मार्कोस कमांडो समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.
जून का महीना खत्म होने को है लेकिन मॉनसून बेहद कमजोर है. मॉनसून में 46% बारिश की कमी दर्ज हुई. देश के 126 साल के रिकॉर्ड में ये दूसरा सबसे सूखा जून है.
14 जून को उत्तरी अरब सागर में एमवी विराट-1 नामक मालवाहक जहाज के इंजन फेल होने से डूबने की घटना हुई. अमेरिकी नौसेना के P-8 विमान और MH-60 सी हॉक हेलिकॉप्टर ने मिलकर 14 भारतीय नाविकों को बचाया.
चीन की मदद से तैयार पाकिस्तान की पहली एडवांस 'हंगोर-क्लास' हमलावर पनडुब्बी कराची पोर्ट पहुंच गई है. 2015 में हुए आठ पनडुब्बियों के समझौते के तहत निर्मित यह स्टेल्थ पनडुब्बी पाकिस्तानी नौसेना की समुद्री मारक क्षमता को बढ़ाएगी.
प्रशांत महासागर में मौसम का महादानव अल-नीनो शुरू हो गया है. लेकिन अगस्त-सितंबर में पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल बनने की संभावना है, जो अल-नीनो को कमजोर कर, भारत में अच्छे मॉनसून की उम्मीद जगाता है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के बाद भारत सरकार ने अलर्ट जारी किया है. ड्रोन और मिसाइल खतरों को देखते हुए 18,000 भारतीय नाविकों को 'हाई अलर्ट' पर रहने को कहा है.
रक्षा मंत्रालय ने 449 करोड़ रुपये में भारतीय नौसेना के लिए 20 एडवांस GNSS जैमर खरीदने का डील साइन किया. बेंगलुरु की एकॉर्ड कंपनी द्वारा बनाए गए ये स्वदेशी जैमर दुश्मन के सैटेलाइट नेविगेशन को रोक देंगे.
मध्य भारत में सूखी-गर्म हवाओं के ब्लॉकेज से मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. 20 जून तक मॉनसून के सुस्त रहने की आशंका है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और मिट्टी की नमी प्रभावित हो सकती है.
IMD के अनुसार, केरल और महाराष्ट्र होते हुए मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. दिल्ली-NCR में 25 से 30 जून के बीच पहुंचने की उम्मीद है. प्री-मॉनसून वाली बारिश और उमस से दिल्ली धधक रही है.
8 करोड़ साल पुरानी मॉनसून व्यवस्था आज भी वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी हुई है. अनिश्चित बारिश, सूखा और बाढ़ किसानों को परेशान कर रही है. क्लाइमेट चेंज से मॉनसून और बेईमान हो गया है.
भारत मौसम विभाग के अनुसार, 23 मई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बड़े हिस्सों में आगे बढ़ गया है. अगले 3-4 दिनों में और आगे बढ़ने की संभावना है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को अरब सागर में ईरानी तेल ले जा रहे सैंक्शन वाले जहाज ‘सेवान’ को रोका. यह 19 जहाजों वाली ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था जो ईरान का तेल-गैस विदेश भेज रहा था. यूएसएस पिंकनी के हेलिकॉप्टर ने इसे इंटरसेप्ट किया. जहाज अब एस्कॉर्ट में ईरान लौट रहा है. ब्लॉकेड शुरू होने के बाद कुल 37 जहाज रीडायरेक्ट किए गए हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी समुद्री मार्गों की नाकाबंदी के तहत दर्जनों जहाजों को रोका है. इन जहाजों को रास्ता बदलने या लौटने का आदेश दिया है. इसी नाकाबंदी के तहत अरब सागर में USS त्रिपोली से भेजे गए मरीन सैनिकों ने ईरानी कार्गो जहाज टूस्का पर चढ़ाई की और उसे कब्जे में लिया.
18 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी गार्ड्स ने दो भारतीय जहाजों पर गोली चलाई. इसके बाद भारतीय नेवी ने होर्मुज के पास सिक्योरिटी बढ़ा दी है. नई एडवाइजरी जारी हुई है कि लारक द्वीप से दूर रहें. नौसेना की अनुमति मिलने पर ही आगे बढ़ें. 11 जहाज पार हो चुके हैं. देश गरिमा को एस्कॉर्ट किया जा रहा है. 14 जहाज अभी फारस की खाड़ी में फंसे हैं. भारतीय नौसेना के सात युद्धपोत तैनात हैं.
19 अप्रैल को अमेरिकी नेवी के युद्धपोत USS स्प्रूएंस ने अरब सागर में ईरानी कार्गो जहाज एमवी तूस्का को रोका. ब्लॉकेड तोड़ने की चेतावनी के बाद MK 45 गन से इंजन रूम में गोली चलाकर जहाज का प्रोपल्शन बंद कर दिया. मरीन्स ने बोर्डिंग की और जहाज अब अमेरिकी कस्टडी में है. ब्लॉकेड शुरू होने के बाद 25 जहाज वापस भेजे गए हैं.
अमेरिका ने 6 घंटे की चेतावनी के बाद ईरानी जहाज को रोककर कब्जे में लिया. US नेवी ने पहले स्पीड सिस्टम डिसएबल किया, फिर मरीन्स ने ऑपरेशन पूरा किया. वीडियो सामने आने से क्षेत्रीय तनाव और चर्चा तेज हो गई है.