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गुजरात तट पर उबल रहा है समुद्र... मीथेन लीक का खतरा या भूकंप आने की आशंका

गुजरात के पास अरब सागर में पानी अचानक उबलता हुआ दिखा. बुलबुले उठ रहे थे. मछुआरों के वीडियो से हड़कंप मचा हुआ है. संभावित कारण समुद्र तल से मीथेन गैस रिसाव, भूकंपीय गतिविधि या पाइपलाइन लीक हो सकता है. पालघर प्रशासन ने जांच शुरू की है. INCOIS टीम मौके पर है. मछुआरों को इलाके से दूर रहने की चेतावनी दी गई है.

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गुजरात तट के पास समंदर का पानी एक जगह पर उबल रहा है. (Photo: ITG)
गुजरात तट के पास समंदर का पानी एक जगह पर उबल रहा है. (Photo: ITG)

गुजरात के तट के पास अरब सागर में समुद्र का पानी अचानक 'उबलता' हुआ दिखाई दिया है. मछुआरों ने वीडियो में बड़े-बड़े इलाकों में पानी तेजी से हिलता-डुलता और बुलबुले छोड़ता हुआ कैद किया है. यह घटना महाराष्ट्र के पालघर जिले के पास हुई है, जिससे प्रशासन और मछुआरों में हड़कंप मच गया है.

पालघर जिला आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने इस घटना को 'बहुत असामान्य' बताया है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लहरों की वजह से नहीं हो सकता. हमें तुरंत समुद्री और औद्योगिक विशेषज्ञों से जांच करानी चाहिए. यह इलाका व्यस्त समुद्री मार्गों और मछली पकड़ने के अच्छे क्षेत्रों के पास है, इसलिए जहाजों की सुरक्षा और मछुआरों की जान का खतरा है. 

क्या कारण हो सकते हैं?

समुद्र तल से गैस रिसाव: मीथेन या अन्य गैसें (जैसे हाइड्रोजन सल्फाइड या कार्बन डाइऑक्साइड) समुद्र के नीचे से निकलकर पानी में बुलबुले बना सकती हैं. यह प्राकृतिक मीथेन सीप्स की वजह से होता है, जो भूकंपीय सक्रिय इलाकों में आम है.

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भूगर्भीय गतिविधि: अरब सागर का यह हिस्सा टेक्टॉनिक रूप से सक्रिय है. भूकंप या समुद्र तल की हलचल से गैस रिलीज हो सकती है. गर्म हो रहे समुद्र में मीथेन हाइड्रेट अस्थिर होकर गैस छोड़ सकते हैं.

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मानव निर्मित कारण: मुंबई हाई ऑयल-गैस फील्ड्स के पास अंडरसी पाइपलाइन में लीकेज. अगर कोई पाइपलाइन फट जाए या रिसाव हो, तो गैस बाहर निकल सकती है.

अन्य संभावनाएं: बड़े जहाजों से गैस या केमिकल रिसाव, लेकिन अभी कोई पुष्टि नहीं.

boiling seawater Gujarat

हो रही है जांच?

सरकार ने जांच शुरू कर दी है. इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इन्फॉर्मेशन सर्विसेज (INCOIS) की टीम मौके पर भेजी गई है. पालघर प्रशासन भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी (NIO) और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के साथ मिलकर काम कर रहा है.

सर्वे जहाजों से सोनार और गैस सेंसर से जांच होगी. पानी के सैंपल लेकर गैस की जांच की जाएगी. मछुआरों को चेतावनी दी गई है कि उस इलाके से दूर रहें और जहाजों को रूट बदलने की सलाह दी गई है.

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पहले भी ऐसी घटनाएं

यह घटना दुनिया में पहले भी हुई है, जैसे 2024 में नॉर्थ सी में समुद्र उबलने जैसी घटना, जो सब्सी पाइपलाइन या ज्वालामुखी गतिविधि से जुड़ी थी. गुजरात का तट जलवायु परिवर्तन और समुद्र स्तर बढ़ने से प्रभावित है, जिससे ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं. 

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