अनाहत सिंह (Anahat Singh) भारत की स्क्वैश खिलाड़ी हैं. उनका जन्म 13 मार्च 2008 को नई दिल्ली में हुआ था. उनके पिता गुरशरण सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि उनकी मां तानी वढेरा इंटीरियर डिजाइनर हैं. उनके माता-पिता पहले फील्ड हॉकी खेलते थे. अनाहत की बड़ी बहन अमीरा स्क्वैश खेलती थीं. बहन को खेलते देखकर अनाहत की भी इस खेल में रुचि बढ़ी.
अनाहत ने पांच साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया था. भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु से प्रेरित होकर उन्होंने इस खेल में दिलचस्पी ली. बाद में उन्होंने स्क्वैश खेलना शुरू किया और कुछ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बाद उन्होंने स्क्वैश को अपना पेशेवर खेल बना लिया.
वर्ष 2019 में अनाहत ने ब्रिटिश जूनियर ओपन में अंडर-11 वर्ग का खिताब जीता. इसी साल उन्होंने डच जूनियर ओपन में भी जीत दर्ज की. वर्ष 2022 में उन्होंने एशियाई जूनियर चैंपियनशिप के अंडर-15 वर्ग का खिताब अपने नाम किया. इसी साल बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेकर वह भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की स्क्वैश खिलाड़ियों में शामिल हुईं.
जनवरी 2023 में अनाहत ने ब्रिटिश जूनियर ओपन के अंडर-15 वर्ग में खिताब जीता. अगस्त में उन्होंने एशियाई जूनियर चैंपियनशिप के अंडर-17 वर्ग में जीत हासिल की. हांगझोऊ में आयोजित 2022 एशियाई खेलों में उन्होंने मिश्रित युगल और महिला टीम स्पर्धा में दो कांस्य पदक जीते. नवंबर 2023 में उन्होंने राष्ट्रीय सीनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब भी हासिल किया.
वर्ष 2024 में अनाहत ने पेशेवर स्क्वैश संघ के टूर पर कई खिताब जीते. मुंबई में आयोजित जेएसडब्ल्यू विलिंगडन लिटिल मास्टर्स एंड सीनियर टूर्नामेंट में उन्होंने अपना पहला पेशेवर टूर खिताब हासिल किया. इसके बाद उन्होंने हमदर्द स्क्वैशटर्स नॉर्दर्न स्लैम और एचसीएल स्क्वैश टूर चेन्नई में भी जीत दर्ज की. वर्ष के अंत तक वह महिला विश्व रैंकिंग में शीर्ष 100 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं.
जनवरी 2025 में अनाहत ने तीसरी बार ब्रिटिश जूनियर ओपन का खिताब जीता. मार्च में उन्होंने एसआरएफआई इंडियन टूर और इंडियन ओपन में जीत हासिल की. इसके बाद उन्होंने विश्व स्क्वैश चैंपियनशिप में पदार्पण किया. वह इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहीं.
जून 2025 में उन्हें पेशेवर स्क्वैश संघ के पुरस्कार समारोह में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी और चैलेंजर खिलाड़ी के पुरस्कार मिले. कुआलालंपुर में आयोजित एशियाई युगल चैंपियनशिप में उन्होंने महिला युगल और मिश्रित युगल स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते. जुलाई में उन्होंने एशियाई जूनियर व्यक्तिगत चैंपियनशिप का अंडर-19 खिताब हासिल किया. विश्व जूनियर चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता. बाद में इंडियन ओपन में खिताब जीतकर वह विश्व रैंकिंग में 29वें स्थान पर पहुंच गईं. दिसंबर 2025 में वह चेन्नई में स्क्वैश विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं.
वर्ष 2026 में अनाहत ने स्क्वैश ऑन फायर ओपन जीता और इंडियन ओपन का खिताब बरकरार रखा. अप्रैल में वह विश्व रैंकिंग में शीर्ष 20 में पहुंचने वाली एशिया की सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बनीं. जुलाई में उन्होंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतकर यह प्रतियोगिता जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया. इसके बाद वह जूनियर विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच गईं.
2026 के एशियाई खेलों में अनाहत ने महिला एकल स्पर्धा में रजत पदक जीता. भारतीय महिला टीम ने भी कांस्य पदक हासिल किया. अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन के कारण भारतीय स्क्वैश जगत में उनकी पहचान लगातार बढ़ी है.
भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने अमेरिका के रेडवुड सिटी में सिलिकॉन वैली ओपन के क्वार्टर फाइनल में मिस्र की सलमा हानी को 4-11, 11-8, 4-11, 11-2, 11-5 से हराकर पहली बार PSA गोल्ड लेवल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई.
अनाहत सिंह ने सिलिकॉन वैली ओपन में मिस्र की आठ बार की विश्व चैम्पियन नूर अल शेरबिनी को 11-8, 11-8, 11-7 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. यह दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी के खिलाफ अनाहत के करियर की सबसे बड़ी जीत है.
एशियन गेम्स 2026 के महिला स्क्वैश सिंगल्स फाइनल में अनाहत सिंह को मलेशिया की शिवसंगारी सुब्रमण्यम ने 3-0 से हरा दिया है. अनाहत ने सिल्वर मेडल जीता है.
युद्ध हो या खेल का मैदान... भारत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर भारी पड़ता रहा है. एशियन गेम्स 2026 में जब अभय सिंह का मुकाबला मुहम्मद इरफान से हुआ, तो इस मैच का नतीजा पूरी तरह भारत के पक्ष में रहा. अभय सिंह ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को 3-0 से करारी शिकस्त दी.