अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक चर्चित नाम हैं. उनका जन्म 12 फरवरी 1992 को हुआ था. वे पूर्व विधायक, राष्ट्रीय स्तर के शूटर और बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे हैं. अब्बास अंसारी का राजनीतिक और पारिवारिक बैकग्राउंड लंबे समय से चर्चा में रहा है.
उनके पिता मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) उत्तर प्रदेश की राजनीति और आपराधिक मामलों में बड़ा नाम रहे हैं. उनकी मां का नाम अफ्शा अंसारी है. अब्बास अंसारी का परिवार कई दशकों से राजनीति से जुड़ा रहा है. उनके परदादा डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल थे. वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों के अध्यक्ष रह चुके थे. साथ ही वे Jamia Millia Islamia के संस्थापकों में से एक थे और 1928 से 1936 तक इसके चांसलर भी रहे.
अब्बास अंसारी के चाचा अफजाल अंसारी और सिबगतुल्लाह अंसारी भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और विधानसभा की राजनीति से जुड़े रहे हैं.
राजनीतिक करियर की बात करें तो अब्बास अंसारी ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मऊ सीट से चुनाव लड़ा. उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (Suheldev Bharatiya Samaj Party) के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की और विधायक बने. हालांकि बाद में 2022 के हेट स्पीच मामले में अदालत से सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी. बाद में उनकी सदस्यता बहाल भी हुई.
अब्बास अंसारी खेल जगत से भी जुड़े रहे हैं. वे शॉटगन शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर चुके हैं.
उनका नाम कई कानूनी मामलों और विवादों में भी सामने आया. नवंबर 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था. जेल में रहते हुए उन पर पत्नी निकहत अंसारी से मुलाकात और जेल से कारोबार चलाने के आरोप भी लगे. इसके बाद उन्हें चित्रकूट जेल से कासगंज जिला जेल में शिफ्ट किया गया.
मार्च 2025 में Supreme Court of India ने उन्हें गैंगस्टर एक्ट मामले में अंतरिम जमानत दी. वहीं मई 2025 में मऊ की एक अदालत ने 2022 के हेट स्पीच मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता फिर समाप्त हो गई.
मऊ में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने अपने पुराने राजनीतिक विरोधी और AIMIM नेता मुनव्वर मुर्गा को सार्वजनिक तौर पर अपना प्रतिनिधि बनाने का ऐलान किया. मुनव्वर 2022 में पीस पार्टी के टिकट पर अब्बास के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं.
गाजीपुर में अंसारी परिवार के पैतृक आवास 'फाटक' पर देर रात भारी पुलिस बल पहुंचने से हड़कंप मच गया. मऊ से विधायक अब्बास अंसारी पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई समय सीमा से अधिक दिनों तक रुकने का आरोप है, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें नोटिस थमाया है.
मऊ सदर सीट से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ मंच साझा किया. अपनी निधि से बनी सड़क का उद्घाटन करने पहुंचे अब्बास ने आगामी विधानसभा चुनाव और पाला बदलने की अटकलों पर बेहद मजाकिया लहजे में खुलकर बात की.