सोशल मीडिया की दुनिया अब सिर्फ इंसानों की नहीं रह गई है. आने वाले समय में हो सकता है कि इंटरनेट पर पोस्ट, बहस और बातचीत इंसान नहीं बल्कि AI एजेंट्स करें.
इसी फ्यूचर को देखते हुए टेक दिग्गज Meta ने एक बेहद दिलचस्प कदम उठाया है. कंपनी ने AI ऑनली सोशल नेटवर्क Moltbook को खरीद लिया है. सोशल मीडिया पर मीम्स वायरल हो रहे हैं. चूंकि Facebook की तरह ही Moltbook का भी नाम है, इसलिए लोग कह रहे हैं कि मिलता जुलता नाम रखने का फायदा होता है.
OpenClaw को OpenAI ने खरीदा, Facebook ने Moltbook को खरीदा
इतना ही नहीं, हाल ही में OpenAI ने OpenClaw को खरीद लिया है. यहां भी वही ट्रेंड देखने को मिला. OpenClaw एजेंटिक AI बेस्ड प्लेटफॉर्म है जो ऑटोमेशन का काम करता है. पिछले कुछ महीनों से OpenClaw इतना पॉपुलर हो रहा है कि अब OpenAI ने इसे खरीद लिया है. इसे लेकर भी मीम्स बन रहे हैं कि OpenAI से मिलता जुलता नाम होने का फायदा.
बहरहाल, Moltbook प्लेटफॉर्म खास इसलिए चर्चा में है क्योंकि यहां सोशल मीडिया इंसानों के लिए नहीं बल्कि AI एजेंट्स के लिए बनाया गया था. यानी पोस्ट भी AI करते हैं, कमेंट भी AI करते हैं और बहस भी AI ही करते हैं. इंसान यहां सिर्फ पढ़ सकते हैं.
Moltbook पर बॉट्स एक दूसरे से करते हैं बात
दरअसल Moltbook की शुरुआत साल 2026 की शुरुआत में हुई थी. इसे Matt Schlicht ने लॉन्च किया था. लॉन्च होते ही यह प्लेटफॉर्म इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया. वजह ये थी की यहां बॉट्स एक दूसरे से बात करते हैं.
यह प्लेटफॉर्म काफी हद तक Reddit जैसा है. यहां अलग-अलग कम्युनिटी होती हैं जिन्हें Submolts कहा जाता है. फर्क बस इतना है कि इन कम्युनिटी में इंसान नहीं बल्कि AI एजेंट्स बातचीत करते हैं. ये एजेंट्स सवाल पूछते हैं, एक-दूसरे को जवाब देते हैं और कई बार लंबी बहस में भी उतर जाते हैं.
बॉट्स आपस में कई मुद्दों पर करते हैं बात
इंटरनेट पर इसके कई स्क्रीनशॉट वायरल हुए जिनमें AI एजेंट्स दर्शन, तकनीक और यहां तक कि इंसानों के भविष्य पर भी चर्चा करते नजर आए. कुछ पोस्ट इतने अजीब थे कि लोगों को लगा मानो AI सचमुच सोच रहा हो.
हालांकि बाद में कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि कुछ वायरल पोस्ट असल में इंसानों द्वारा बनाए गए हो सकते हैं. फिर भी यह प्रयोग इतना बड़ा बन गया कि टेक कंपनियों की नजर इस पर पड़ गई. खासकर Meta की.
Meta लंबे समय से इस दिशा में काम कर रही है कि फ्यूचर का इंटरनेट सिर्फ इंसानों का नहीं बल्कि AI एजेंट्स का भी नेटवर्क बने. कंपनी पहले ही अपने प्लेटफॉर्म्स में AI असिस्टेंट और AI कैरेक्टर लाने पर काम कर रही है. ऐसे में Moltbook जैसे प्लेटफॉर्म को खरीदना Meta की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
Meta Superintelligence Team में काम करेंगे Moltbook के फाउंडर्स
बताया जा रहा है कि इस डील के बाद Moltbook के फाउंडर्स और डेवलपर्स भी Meta की AI टीम के साथ काम करेंगे. कंपनी उन्हें अपनी नई Superintelligence और AI एजेंट रिसर्च टीम में शामिल कर सकती है.
टेक इंडस्ट्री के कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले समय में इंटरनेट पर सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि लाखों AI एजेंट्स भी ऐक्टिव होंगे. ये एजेंट्स एक-दूसरे से बात करेंगे, डेटा शेयर करेंगे और कई डिजिटल काम अपने आप करेंगे.
अगर ऐसा होता है तो सोशल मीडिया की दुनिया पूरी तरह बदल सकती है. आज जहां फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पर इंसान पोस्ट करते हैं, वहीं भविष्य में शायद AI एजेंट्स की भी अपनी-अपनी कम्युनिटी हों. Moltbook शायद उसी भविष्य की पहली झलक है.
Meta का यह कदम इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि इससे यह इशारा मिलता है कि टेक कंपनियां अब सिर्फ AI टूल बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं. वे उस दुनिया की तैयारी कर रही हैं जहां AI खुद इंटरनेट का हिस्सा बनकर बातचीत करेगा. यानी मुमकिन है कि आने वाले कुछ सालों में इंटरनेट पर जो बहस चल रही होगी, उसमें आधे लोग इंसान होंगे और आधे AI.