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ईरान में 24 घंटे से इंटरनेट बंद', फिर कैसे बाहर आ रहीं प्रदर्शनकारियों की बातें

ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया. इस हमले में ईरान में कई जगहों पर बमबारी, मिसालइल और ड्रोन से हमले किए गए. अब सवाल आता है कि अगर ईरान में इंटरनेट बंद है तो कैसे वीडियो और फोटो इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

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ईरान में एक्टिविस्ट ऐसे कर रहे इंटरनेट का यूज. (Photo (r): AP)
ईरान में एक्टिविस्ट ऐसे कर रहे इंटरनेट का यूज. (Photo (r): AP)

ईरान में बीते साल 24 घंटे से इंटरनेट ब्लैकआउट की स्थिति में है. सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान पूरी तरह सतर्क और तनाव में है, और इंटरनेट को ब्लॉक करना लोगों के संभावित विद्रोह को रोकने का एक तरीका माना जा रहा है. 

इन सभी के बावजूद इंटरनेट पर ढेरों ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिसमें ईरान पर हो रहे हमले को दिखाया जा रहा है. कहीं से मिसाइल अटैक तो कहीं बमबारी. ये वीडियो इंटरनेट पर वायरल भी हो रहे हैं. अब सवाल आता है कि 24 घंटे से अगर इंटरनेट ठप है तो सोशल मीडिया पर हमले के वीडियो कैसे सामने आ रहे हैं. इसके बारे में जानते हैं 

ईरान में इंटरनेट एक्सेस करने वालों ने कुछ खास टेक्नोलॉजी और जमीनी रास्तों का इस्तेमाल किया है. इसमें Elon Musk का स्टारलिंक, प्रॉक्सी, फिजिकल डेटा ट्रांसफर, नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर लीकेज आदि का यूज किया गया है. 

यह भी पढ़ें: पहले इंटरनेट ठप, फिर गूंजीं मिसाइलें, Iran पर ऐसे चला डिजिटल अटैक, साइबर वॉरफेयर की पूरी कहानी

स्टारलिंक का सीक्रेट नेटवर्क 

ईरान के अंदर सरकारी पाबंदी के बावजूद कई हजार Starlink सैटेलाइट टर्मिनल गैर कानूनी तरह से दुबई और ईराक के रास्ते से पहुंचाए गए. इसके बाद ईरान में स्टारलिंक के लिए एक सीक्रेट नेटवर्क तैयार हो गया और बहुत से लोग इसका फायदा भी उठा रहे हैं. 

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प्रॉक्सी का कर रहे हैं यूज 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में बहुत से एक्टिविस्ट स्पेशल टूल्स का यूज कर रहे हैं, जिसमें Snowflake जैसे टूल्स का यूज शामिल है. ये एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो सामान्य तौर पर इंटरनेट सेंसरशिप को चकमा देने के लिश तैयार की है. इस तरह की तकनीक में छोटे-छोटे ब्रिज तैयार होते हैं, जिसके बाद डेटा को इंटरनेट पर पोस्ट किया जाता है. 

फिजिकल डेटा ट्रांसमीटर 

ईरान में मौजूद एक्टिव वीडियो, फोटो और अन्य कंटेंट को पेन ड्राइव में स्टोर कर लेते हैं. इसके बाद पेन ड्राइव को देश से बाहर पहुंचाकर इंटरनेट पर शेयर किया गया है. याफिर उस जगह ले जाते हैं, जहां इंटरनेट मौजूद होता है. 

सिस्टम में लीकेज 

ईरान में इंटरनेट का एक्सेस करने की परमिशन चुनिंदा लोगों के पास है, जिसमें देश के बड़े नेता, बिजनेस और सरकार के बड़े अधिकारी शामिल है. ऐसे में एक्टिविट्स ने सिस्टम के लूप होल का यूज किया और फिर उन वीडियो और फोटो को इंटरनेट पर शेयर कर दिया गया है. 

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