scorecardresearch
 

‘उड़ता ट्रक’ तैयार! चीन ने बनाया सबसे ताकतवर कार्गो ड्रोन, उठा सकेगा इतने टन वजन

चीन में एक खास एयरक्राफ्ट तैयार किया गया है, जिसका नाम चांगयिंग-8 है. यह एक कार्गो ड्रोन है और यह मैक्सिमम 3.5 टन वजन लेकर उड़ान भर सकेगा. मंगलवार को इसका एक सफल परीक्षण हुआ है. यह कार्गो ड्रोन छोटे रनवे पर भी उड़ान भर कर सकेगा और लैंडिंग कर सकेगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

Advertisement
X
चीन का ये कार्गो ड्रोन का वजन 3.5 टन है. (Photo: CCTV)
चीन का ये कार्गो ड्रोन का वजन 3.5 टन है. (Photo: CCTV)

चीन ने एक ऐसा एयरक्राफ्ट तैयार किया है, जिसका नाम चांगयिंग-8 है. यह एक कार्गो ड्रोन और इसको लेकर दावा किया है कि यह दुनिया का सबसे भारी वजन उठाकर उड़ान भर सकेगा. साथ ही यह एयरक्राफ्ट कई कमाल की काबिलियत के साथ आता है.  

चांगयिंग-8 एयरक्राफ्ट शॉर्ट रनवे पर आसानी से उड़ान भर सकता है और मंगलवार को इसकी सफल टेस्टिंग हो चुकी है. आने वाले दिनों में सभी टेस्टिंग को कंप्लीट करके इसको लॉन्च किया जाएगा. 

चांगयिंग-8 को खासतौर से डिलिवरी के लिए तैयार किया गया है. इसको रिमोट एरिया में यूज किया जा सकेगा और भारी भरकम सामान की डिलिवरी की जा सकेगी.

एयरक्राफ्ट का खुद का वजन 3.5 टन है

चांगयिंग-8 खुद एक बड़े साइज का एयरक्राफ्ट है, जिसका खुद का वजन 3.5 टन है और यह अपने भार के बराबर का वजन उठाकर उड़ान भर कर सकेगा. 

कार्गो ड्रोन में विंग 25 मीटर चौड़े हैं

इसका एयरफ्रेम 17 मीटर लंबा है और इसके विंग करीब 25 मीटर तक का एरिया कवर करते हैं. इसको ऐसे डिजाइन किया गया है कि इसमें 18 क्यूबिक मीटर (18 हजार लीटर) वैल्यूम को भरा जा सकेगा. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: 200MP कैमरा और 7000mAh, भारत में 2 अप्रैल को लॉन्च होगा Vivo का नया स्मार्टफोन

कार्गो ड्रोन में आगे और पीछे की तरफ गेट दिए गए हैं

सामान चढ़ाने और उतारने के लिए कार्गो ड्रोन में आगे और पीछे की तरफ गेट दिए गए हैं. सीसीटीवी की जानकारी के मुताबिक, इसमें दो टर्बोप्रोप इंजन दिए गए हैं. यह आसानी से छोटे रनवे पर भी आसानी टेक 
ऑफ और लैंडिंग कर सकेगा. 

चीन ने इस ड्रोन को ऐसे तैयार किया गया है कि यह बेसिक सुविधाओं वाले रनवे पर भी आसानी से लैंडिंग कर सकेगा और उड़ान भी कर सकेगा. 

डेवलपर्स ने चांगयिंग-8 को ऐसे तैयार किया है कि वह नागरिक और सैन्य दोनों तरह के काम में इस्तेमाल किया जा सके. यह ड्रोन पेलोड कन्फिग्रेशन को चेंज कर सकता है और यह कई मिशन आदि में भी यूज किया जा सकेगा. 

रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेटर्स इसे इमरजेंसी कम्युनिकेशन, मौसम के रिसर्च और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी आदि के लिए तैनात कर सकेंगें. आपदा राहत और मुश्किल इलाकों में सप्लाई में इसका यूज किया जा सकेगा. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement