भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बेहतर एक्युरेसी और धोखाधड़ी से बचाने के लिए 2.5 करोड़ लोगों के आधार के डेटाबेस को डिएक्टिवेट कर दिया है. ये डेटाबेस मृतक का था. ये जानकारी खुद UIDAI ने दी है.
दरअसल, किसी भी शख्स की मृत्यु के बाद उसके आधार नंबर को डिएक्टिवेट किया जाना जरूरी है. इससे उसकी पहचान का यूज करके होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा. साथ ही सरकारी योजनाओं का गैर कानूनी इस्तेमाल भी रोका जा सकेगा.
UIDAI ने धोखाधड़ी रोकने के लिए दिए कई फीचर्स
UIDAI ने पहचान संबंधित धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई नई सेवाएं दी हैं. इससे यूजर्स खुद ही आधार ऐप या UIDAI पोर्टल पर जाकर बायोमेट्रिक को लॉक और अनलॉक कर सकेंगे.
UIDAI ने लॉन्च किया न्यू आधार ऐप
UIDAI की तरफ से हाल ही में न्यू आधार ऐप लॉन्च किया है, जो आईफोन और एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है. इस आधार मोबाइल ऐप के अंदर कई यूजफुल फीचर्स दिए गए हैं.
न्यू ऐप में मिलते हैं ढेर सारे फीचर्स
न्यू आधार ऐप के अंदर बायोमैट्रिक लॉक, क्यूआर कोड स्कैनिंग, मोबाइल नंबर चेंजिंग और घर का पता बदलने तक की सुविधा मौजूद है.
बायोमैट्रिक लॉक और अनलॉक करना सिंपल
आधार ऐप की मदद से यूजर्स सिंगल क्लिक की मदद से बायोमैट्रिक को लॉक और अनलॉक कर सकते हैं. इसके लिए न्यू आधार ऐप को इंस्टॉल करना होगा.
आधार ऐप की बदौलत घर बैठे होंगे काम
आधार ऐप से ही डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके यूजर्स घर का पता बदल सकेंगे. इसके लिए किसी आधार सेंटर या फोटोकॉपी आदि लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी.
न्यू आधार ऐप में फैमिली मेंबर्स भी होंगे शामिल
आधार ऐप के अंदर फैमिली मेंबर्स की डिटेल्स यानी उनके आधार डिटेल्स को एड कर सकते हैं. ऐसे में एयरपोर्ट या अन्य किसी जगह पर उनका आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी.
न्यू आधार ऐप में लॉगइन करने के लिए यूजर्स को सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में ऐप को इंस्टॉल करना होगा. इसके बाद आधार नंबर एंटर करना होगा और रजिस्टर्ड नंबर पर ओटीपी आएगा, उसको एंटर करना होगा. इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन को कंप्लीट करना होगा. फिर सिक्योरिटी पिन सेट करना होगा, जो 6 डिजिट का होगा.