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रियो ओलंपिक में सलमान खान को सद्भावना राजदूत बनाने का आईओए ने किया बचाव

आईओए ने यहां अपने मुख्यालय में एम.सी मैरीकॉम, सरदार सिंह, रितू रानी, दीपिका कुमारी, अपूर्वी चंदेला और मानिका बत्रा की मौजूदगी में इसकी घोषणा की.

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भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने रविवार को अभिनेता सलमान खान को इस वर्ष होने वाले रियो ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय सद्भावना राजदूत बनाने के फैसले का बचाव किया. इस फैसले की खेल जगत के कई दिग्गजों ने आलोचनाएं की, जिसके बाद आईओए इसके बचाव में उतरा है. आईओए ने यहां अपने मुख्यालय में एम.सी मैरीकॉम, सरदार सिंह, रितू रानी, दीपिका कुमारी, अपूर्वी चंदेला और मानिका बत्रा की मौजूदगी में इसकी घोषणा की. इस फैसले की भारतीय पहलवान योगेश्वर दत्त सहित खेल जगत की कई अन्य हस्तियों ने आलोचना की.


आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने रविवार को अपने बयान में कहा, 'हम काफी खुश हैं और इस देश में ओलंपिक खेलों के समर्थन के लिए सलमान के शुक्रगुजार हैं. यह फैसला केवल एक इशारा है और इसे किसी भी मौद्रिक विचार में शामिल नहीं किया जाना चाहिए.' मेहता के अनुसार, सलमान को भारतीय के रूप में शामिल करना देश में ओलंपिक खेलों की ओर अधिक से अधिक लोगों का ध्यान केंद्रित करने से संबंधित है.

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आईओए के अधिकारी ने कहा, 'वह देश के सबसे बड़ी हस्तियों में से एक हैं और हमारा मुख्य लक्ष्य उनके जरिए ओलंपिक खेलों की ओर अधिकतम लोगों का ध्यान केंद्रित करना है.' योगेश्वर ने शनिवार को आईओए के इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा, 'एक राजदूत का क्या लक्ष्य होता है? देश के लोगों को बेवकूफ बनने से रोकना. पी.टी. ऊषा, मिल्खा सिंह जैसे बड़े खेल जगत के सितारे हैं, जिन्होंने कठिन समय में देश के लिए मेहनत की. खेल क्षेत्र में एसे राजदूत ने क्या किया है?'

इसके साथ ही योगेश्वर ने बिना नाम लिए पर उनकी आगामी फिल्म 'सुल्तान' के प्रचार के लिए ओलंपिक मंच के इस्तेमाल का आरोप लगाया. पूर्व एथलीट मिल्खा सिंह ने भी आईओए के इस फैसले की आलोचना की है.

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