पूर्व क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर बड़ा हमला बोला है. सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में उन्हें खेल मंत्री रहते हुए काम नहीं करने दिया गया.
तिवारी ने सीधे तौर पर TMC नेता और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी छवि से डरकर उन्हें लगातार किनारे किया गया.
मनोज तिवारी ने कहा- मैं खेल जगत से आता हूं और खेलों के लिए बहुत कुछ करना चाहता था. लेकिन खेल विभाग में मेरा काम सिर्फ चाय और बिस्किट खाना रह गया था. मुझे किसी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाता था.
उन्होंने दावा किया कि डूरंड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में मैदान पर मौजूद रहने के बावजूद उन्हें आधिकारिक तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया. तिवारी के मुताबिक, इसके पीछे अरूप बिस्वास की राजनीति थी.
#WATCH | Former West Bengal Sports Minister Manoj Tiwary says, "In this video, I want to explain how my work has been hindered over the past five years. I want to share this. Arup Biswas (TMC leader and former minister) prevented me from working. I come from the sports world and… pic.twitter.com/isM4CMyRe1
— ANI (@ANI) May 6, 2026
तिवारी ने मेसी के इवेंट पर क्या कहा?
पूर्व मंत्री ने लियोनेल मेसी से जुड़े कार्यक्रम का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह उस कार्यक्रम में इसलिए नहीं गए क्योंकि उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा था और उन्हें पहले से अंदेशा था कि कुछ गलत होने वाला है. तिवारी ने आरोप लगाया कि खेल प्रेमियों को भी उस आयोजन में शर्मिंदगी उठानी पड़ी और मेसी महज 5-10 मिनट में कार्यक्रम छोड़कर चले गए.
मनोज तिवारी ने कहा कि आप समझ सकते हैं कि मैंने पिछले पांच वर्षों में खेल विभाग में क्या झेला है. उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार संकीर्ण सोच वाली थी और जनता के लिए नहीं, बल्कि अपने हितों के लिए काम करती रही. तिवारी ने दावा किया कि उन्होंने शिवपुर के विकास और खेल से जुड़े कई मुद्दे कैबिनेट बैठकों में उठाए, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया.
ममता बनर्जी पर मनोज तिवारी ने क्या कहा?
उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा- एक दिन जब मैंने अपनी बात रखने की कोशिश की तो उन्होंने मेरे मुंह पर कहा क्या मेरे पास और कोई काम नहीं है? उन्होंने मुझे 20 सेकंड तक नहीं दिए.
मनोज तिवारी ने आगे कहा कि उसी दिन उन्हें अहसास हो गया था कि यह सरकार ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिकेगी क्योंकि यह 'झूठे वादों' पर आधारित थी.
यह वीडियो अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में खेल प्रशासन और राजनीतिक खींचतान को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.