भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है. शुक्रवार (11 अगस्त) को चेन्नई में खेले गए सेमीफाइनल मैच में भारत ने जापान को 5-0 से हरा दिया. भारत की ओर से आकाशदीप सिंह (19वें मिनट), हरमनप्रीत सिंह (23वें मिनट), मनदीप सिंह (30वें मिनट), सुमित (39वें मिनट) और सेल्वम कार्थी (51वें मिनट) ने गोल दागे. अब फाइनल मुकाबले में भारत का सामना मलेशिया से होगा. मलेशिया ने पहले सेमीफाइनल में कोरिया को 6-2 से हरा दिया था. फाइनल मुकाबला 12 अगस्त (शनिवार) को खेला जाएगा.
भारत के पास पाकिस्तान को पछाड़ने का चांस
भारतीय टीम यदि फाइनल मुकाबले में मलेशिया के खिलाफ जीत हासिल करती है तो वह चौथी बार एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीत लेगी. भारत अभी तीन खिताब जीतकर पाकिस्तान के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर है. अब उसके पास पाकिस्तान को पछाड़ने का मौका रहेगा. भारत-पाकिस्तान के अलावा कोरिया ही एक मौके पर इस टूर्नामेंट को जीत पाया है. कोरिया ने साल 2021 के सीजन में खिताब जीता था.
This crowd is going to blow the roof off the stadium tonight.
Vanakkam Chennai for this grand gesture 🙏#HockeyIndia #IndiaKaGame #HACT2023 pic.twitter.com/PQp0xQl4eS— Hockey India (@TheHockeyIndia) August 9, 2023
पहले क्वार्टर में जापान ने भारत को जबरदस्त टक्कर दी और उसे कोई गोल नहीं करने दिया. इसके बाद भारत ने दूसरे क्वार्टर में शानदार वापसी करते हुए तीन गोल दागे. पहले आकाशदीप सिंह ने शानदार फील्ड गोल किया, फिर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए पेनल्टी कॉर्नर पर बेहतरीन गोल दागा. मनदीप सिंह ने भी दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में फील्ड गोल करके टीम इंडिया को 3-0 से आगे कर दिया. सुमित ने तीसरे क्वार्टर और सेल्वम ने चौथे क्वार्टर में स्कोर कर भारत को बड़ी जीत दिलाने में मदद की.
कुल छह टीमों ने लिया है भाग
बता दें कि इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान समेत कुल 6 टीमों ने भाग लिया है. इसमें से पाकिस्तान और चीन की टीमें नॉकआउट में नहीं पहुंच पाई. ग्रुप स्टेज में सभी टीमों ने पांच-पांच मैच खेले. भारतीय टीम 13 पॉइंट्स के साथ टॉप पर रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंची. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान को भी 4-0 से हरा दिया था. दूसरे नंबर पर मलेशिया रही, जिसके 12 अंक रहे. वहीं कोरिया, जापान और पाकिस्तान के बराबर 5-5 अंक रहे. जबकि चीन एक अंक ही ले सका. बेहतर गोल अंतर के आधार पर कोरिया और जापान भी सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रहा.