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FIFA World Cup: राजा अभी मेसी हैं... मगर उनके सिंहासन की ओर पूरी रफ्तार से बढ़ रहे एम्बाप्पे

2026 वर्ल्ड कप में एक बार फिर लियोनेल मेसी और कीलियन एम्बाप्पे की जंग चर्चा में है. मेसी जहां नए रिकॉर्ड बनाकर अपनी विरासत को अमर बनाने में जुटे हैं, वहीं एम्बाप्पे लगातार गोल दागकर उनके करीब पहुंच रहे हैं. कतर 2022 फाइनल के बाद शुरू हुई यह प्रतिद्वंद्विता अब इतिहास की सबसे बड़ी वर्ल्ड कप लड़ाइयों में बदलती दिख रही है.

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किंग मेसी vs चैलेंजर एम्बाप्पे (Photo, Getty)
किंग मेसी vs चैलेंजर एम्बाप्पे (Photo, Getty)

फुटबॉल की दुनिया में कुछ रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़े नहीं होते, वे विरासत बन जाते हैं. कुछ खिलाड़ी सिर्फ मैच नहीं जीतते, वे इतिहास लिखते हैं. 2026 वर्ल्ड कप में एक बार फिर ऐसा ही दृश्य बन रहा है, जहां एक तरफ लियोनेल मेसी अपनी महानता को अमर बनाने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ कीलियन एम्बाप्पे उस विरासत का पीछा कर रहे हैं.

वर्ल्ड कप का यह संस्करण अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन सबसे बड़ी कहानी पहले ही सामने आ चुकी है. मेसी 5 गोल कर चुके हैं. एम्बाप्पे और एर्लिंग हालैंड 4-4 गोल के साथ पीछे हैं. हैरी केन और लामिन यामाल भी चमक रहे हैं. लेकिन तमाम सितारों के बीच सबसे ज्यादा नजरें दो नामों पर टिकी हैं- मेसी और एम्बाप्पे.

4 साल पहले कतर में दोनों ने फुटबॉल को शायद उसका सबसे यादगार फाइनल दिया था. एम्बाप्पे ने हैट्रिक लगाई, मेसी ने दो गोल किए और आखिर में अर्जेंटीना विश्व चैम्पियन बना. उस रात लगा था कि यह प्रतिद्वंद्विता अपने शिखर पर पहुंच चुकी है. लेकिन 2026 ने साबित कर दिया कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है.

इस बार शुरुआती बढ़त एम्बाप्पे ने ली. सेनेगल के खिलाफ दो गोल दागकर उन्होंने वर्ल्ड कप गोलों की सूची में मेसी को पीछे छोड़ दिया. फ्रांस का सुपरस्टार मानो दुनिया को याद दिलाना चाहता था कि अगला युग उसी का है.

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... लेकिन फिर मेसी मैदान पर उतरे

अर्जेंटीना के कप्तान ने अपने करियर की पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक जमाई और सारी चर्चा वापस अपने नाम कर ली. यह सिर्फ 3 गोल नहीं थे, बल्कि एक संदेश था- ताज अभी उनके सिर पर है.

कतर में ट्रॉफी जीतने के बाद कई लोगों को लगा था कि मेसी का मिशन पूरा हो चुका है. लेकिन 38 साल की उम्र में भी वह ऐसे खेल रहे हैं जैसे अभी कुछ अधूरा बाकी हो. वही भूख, वही जादू और वही निर्णायक प्रभाव, जिसने उन्हें पीढ़ियों का सबसे महान फुटबॉलर बनाया.

दूसरे दौर में भी कहानी नहीं बदली. मेसी ने दो और गोल दागे, अपना कुल आंकड़ा 18 तक पहुंचाया और वर्ल्ड कप इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए. यहां तक कि एक पेनल्टी चूकने के बावजूद वह मैच के सबसे बड़े अंतर साबित हुए.

लेकिन एम्बाप्पे हार मानने वालों में नहीं

इराक के खिलाफ दो और गोल करके फ्रांसीसी स्टार ने साफ कर दिया कि वह सिर्फ दर्शक बनकर मेसी को इतिहास लिखते नहीं देखेंगे. उनके और मेसी के बीच अब सिर्फ दो गोल का फासला है.

वर्ल्ड कप इतिहास के टॉप गोल स्कोरर 

- लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना) - 18 गोल
- कीलियन एम्बाप्पे (फ्रांस) - 16 गोल
- मिरोस्लाव क्लोज (जर्मनी) - 16 गोल
- रोनाल्डो (ब्राजील)- 15 गोल
- गर्ड मुलर (जर्मनी)- 14 गोल

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राजा की विरासत के पीछे युवराज

एम्बाप्पे हमेशा मेसी के प्रशंसक रहे हैं. उन्होंने कई बार माना है कि मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में हैं, लेकिन वर्ल्ड कप आते ही एम्बाप्पे का एक अलग रूप सामने आता है.

एम्बाप्पे के आंकड़े खुद उनकी महानता की कहानी कहते हैं- 16 मैच, 16 गोल, 2018 का विश्व कप खिताब और 2022 के फाइनल में ऐतिहासिक हैट्रिक.

27 साल की उम्र में उनके पास समय भी है और प्रतिभा भी. यही वजह है कि कई विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में वर्ल्ड कप के बड़े-बड़े रिकॉर्ड उनके निशाने पर होंगे. फ्रांस की जर्सी पहनते ही वह एक अलग स्तर के खिलाड़ी बन जाते हैं, जैसे सबसे बड़े मंच के लिए ही बने हों.

उनकी एक और बड़ी ताकत वह फ्रांसीसी टीम है, जो प्रतिभा से भरी हुई है. जहां मेसी और रोनाल्डो को कई बार अपनी टीमों का पूरा रचनात्मक और आक्रामक भार उठाना पड़ा, वहीं एम्बाप्पे को लगातार विश्वस्तरीय खिलाड़ियों का साथ मिला है. हालांकि इससे उनकी उपलब्धियां छोटी नहीं हो जातीं. 2022 के फाइनल में उन्होंने दिखाया था कि जरूरत पड़ने पर वह अकेले भी मैच का रुख बदल सकते हैं.

क्या मेसी की विरासत तक पहुंच पाएंगे एम्बाप्पे?

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फिलहाल जवाब आसान नहीं है. मेसी सिर्फ गोल नहीं कर रहे, वह अपनी कहानी को और विशाल बना रहे हैं. हर मैच के साथ उनकी विरासत और मजबूत हो रही है. दूसरी तरफ एम्बाप्पे उस विरासत को चुनौती देने वाले सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं.

2026 वर्ल्ड कप की सबसे दिलचस्प लड़ाई शायद ट्रॉफी की नहीं, बल्कि इतिहास की है. एक तरफ वह खिलाड़ी है, जिसने लगभग सब कुछ जीत लिया है. दूसरी तरफ वह खिलाड़ी है जो साबित करना चाहता है कि अगला युग उसका है. और फिलहाल ऐसा लग रहा है कि एम्बाप्पे मेसी को इतिहास के शिखर पर अकेला नहीं छोड़ने वाले.

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