भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत 23 जुलाई से होगी. सीरीज के तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे. इसी मैदान से वैभव सूर्यवंशी की कई सुनहरी यादें जुड़ी हैं. चार महीने पहले अंडर-19 विश्व कप के दौरान उन्होंने हरारे में इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 80 गेंदों में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी.
भारत के युवा विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर जिम्बाब्वे की धरती पर हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार उनकी जर्सी पर अंडर-19 नहीं, बल्कि सीनियर टीम इंडिया लिखा है. चार महीने पहले इसी देश में उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप में बल्ले से ऐसा तूफान मचाया था कि दुनिया हैरान रह गई थी. अब वही मैदान उनके इंटरनेशनल करियर की नई कहानी लिखने को तैयार है.
वैभव के लिए जिम्बाब्वे सिर्फ एक और विदेशी दौरा नहीं, बल्कि यादों और आत्मविश्वास से भरी जगह है. उन्होंने कहा कि यहां लौटना उनके लिए बेहद खास एहसास है क्योंकि इसी मैदान पर भारत ने इतिहास रचा था.
A born Star, shining far beyond his age.
Heartiest congratulations to Vaibhav Sooryavanshi for an unbelievable 175 off just 80 balls in the U-19 World Cup Final.
Your fearless approach and confidence have made the nation proud.
The future of Indian cricket is in safe hands.… pic.twitter.com/VbxcqSx1u9— Dr. Vivek Bindra (@DrVivekBindra) February 6, 2026
सूर्यवंशी ने 'bcci.tv' पर कहा, 'चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला और जीता था. यह ग्राउंड मेरे लिए बहुत स्पेशल है. भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है. जिस मैदान पर हमने इतिहास बनाया, वहां दोबारा टीम इंडिया के लिए उतरना अलग ही एहसास है.'
पिच की समझ बनेगी सबसे बड़ा हथियार
वैभव का मानना है कि जिम्बाब्वे की परिस्थितियों का अनुभव इस दौरे में उनके काफी काम आएगा. 'बेबी बॉस' के नाम से मशहूर वैभव ने कहा, 'उस समय यहां की पिच और कंडीशन को अच्छे से समझा था. अब कोशिश रहेगी कि उसी अनुभव को मैच में लागू करूं. नेट्स में जो मेहनत की है, उसी पर भरोसा रखूंगा और टीम के लिए जितना योगदान दे सकूं, दूंगा.'
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस मैदान पर खेले दोनों मुकाबलों में उनका बल्ला खूब चला था. उन्होंने कहा, 'मैंने यहां दो मैच खेले थे और दोनों अच्छे गए थे. कोशिश रहेगी कि उसी फॉर्म को आगे भी जारी रखूं.'
चार महीने में आए उतार-चढ़ाव, लेकिन...
आईपीएल, सीनियर टीम में चयन और फिर लगातार चर्चा के बीच वैभव ने माना कि पिछले कुछ महीनों में काफी उतार-चढ़ाव आए, लेकिन वह इसे क्रिकेट का हिस्सा मानते हैं. वैभव ने कहा, 'कोच मुझे जो भी प्रैक्टिस चाहिए, उपलब्ध करा रहे हैं. अच्छा महसूस कर रहा हूं और आत्मविश्वास भी है. चार महीने में काफी उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन यह क्रिकेट का हिस्सा है. जिंदगी में ऐसा चलता रहता है.'
जिम्बाब्वे... जहां वैभव का बल्ला सबसे ज्यादा गरजा
वैभव सूर्यवंशी का जिम्बाब्वे से खास रिश्ता सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि आंकड़ों में भी दिखता है. उन्होंने यहां खेले 7 यूथ वनडे मैचों में 439 रन बनाए हैं.
उनकी सबसे यादगार पारी इंग्लैंड अंडर-19 के खिलाफ आई थी, जब उन्होंने हरारे में सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए. इस दौरान उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के निकले. इसके अलावा हरारे में ही अफगानिस्तान के खिलाफ 33 गेंदों में 68 रनों की विस्फोटक पारी खेली.
अब नजरें नई कहानी पर
अंडर-19 स्तर पर जिम्बाब्वे में इतिहास रचने वाले वैभव सूर्यवंशी अब सीनियर टीम इंडिया की जर्सी में उसी धरती पर नई इबारत लिखने की तैयारी में हैं. अगर उन्होंने अपने पुराने रिकॉर्ड और अनुभव को दोहरा दिया, तो जिम्बाब्वे की यह धरती एक बार फिर भारतीय क्रिकेट के इस सितारे की गवाह बन सकती है.