वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) का पूरा नाम वंगीपुरापु वेंकट साई लक्ष्मण हैं.वह भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं. उन्होंने भारतीय टीम के लिए मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट खेला और मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में लंबे समय तक टीम का हिस्सा रहे. उनका जन्म 1 नवंबर 1974 को हैदराबाद में हुआ था, जो उस समय आंध्र प्रदेश का हिस्सा था और अब तेलंगाना में स्थित है.
वीवीएस लक्ष्मण ने घरेलू क्रिकेट में हैदराबाद का प्रतिनिधित्व किया. इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड में लंकाशायर की ओर से काउंटी क्रिकेट भी खेला. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले सीजन में वह डेक्कन चार्जर्स टीम के कप्तान रहे. बाद में उन्होंने कोच्चि टस्कर्स केरल के लिए भी खेला. वर्ष 2021 तक वह सनराइजर्स हैदराबाद टीम के मेंटर भी रहे.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लक्ष्मण 100 टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं. वह वर्ष 2002 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे, जिसमें भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था. वर्ष 2012 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया.
क्रिकेट से संन्यास के बाद वीवीएस लक्ष्मण ने कमेंटेटर और क्रिकेट विशेषज्ञ के रूप में भी काम किया. वर्तमान में वह National Cricket Academy में हेड ऑफ क्रिकेट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. साथ ही वह भारत की अंडर-19 और इंडिया ए टीम के मुख्य कोच भी हैं.
शिक्षा की बात करें तो उन्होंने हैदराबाद के लिटिल फ्लावर हाई स्कूल से पढ़ाई की. उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन बाद में क्रिकेट को अपना करियर चुना. उनके पिता डॉ. शांतराम और माता डॉ. सत्यभामा दोनों चिकित्सक थे. वर्ष 2004 में उन्होंने जीआर शैलजा से विवाह किया. उनके दो बच्चे हैं. वर्ष 2011 में भारत सरकार ने उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया.
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली. अब रांची में होने वाले दूसरे टी20 से पहले सवाल उठ रहा है कि गौतम गंभीर कब इस युवा 'बेबी बॉस' को मौका देंगे. वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में बड़े मुकाबले में वैभव पर भरोसा किया गया था, जबकि गंभीर फिलहाल संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी पर कायम हैं. रांची में वैभव को देखने के लिए फैन्स की बेताबी ने इस इंतजार को और दिलचस्प बना दिया है.
1998 के ढाका में पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में यादगार चौका लगाने वाले ऋषिकेश कानितकर अब टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच हैं. एशियन गेम्स फाइनल से पहले उन्होंने बड़े मौकों को जीतने पर जोर दिया. कानितकर ने विराट कोहली और तिलक वर्मा के उदाहरण देते हुए कहा कि हाई-स्टेक्स मुकाबलों में निर्णायक पलों को अपने पक्ष में करना बेहद जरूरी है.
एशियन गेम्स के क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान रविवार (3 अक्टूबर) को आमने-सामने होंगे. भारत अपनी पहली टीम और बड़े टी20 सितारों के साथ उतरेगा, जबकि पाकिस्तान युवा खिलाड़ियों के भरोसे है. निशिन के कोरोगी पार्क की पिच पर नमी, असमान उछाल और टर्न मिल रहा है. ऐसे में दोनों टीमों के स्पिनर्स मुकाबले का रुख तय कर सकते हैं.
एशियन गेम्स 2026 के लिए टीम इंडिया ने तैयारियां तेज कर दी हैं. BCCI ने इंडोर ट्रेनिंग सेशन की वीडियो शेयर कीं, जहां वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन बल्लेबाजी में दम दिखाते नजर आए. वीवीएस लक्ष्मण की निगरानी में भारतीय टीम जापान में होने वाले मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है.
टीम इंडिया के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर खराब प्रदर्शन को लेकर BCCI ने रिव्यू मीटिंग की, लेकिन चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर इसमें शामिल नहीं हुए. बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक बैठक कम समय के नोटिस पर बुलाई गई थी और अगरकर शहर से बाहर थे. उनका कॉन्ट्रैक्ट सितंबर के अंत में खत्म होना है, लेकिन एक्सटेंशन पर कोई चर्चा नहीं हुई.
मुंबई में बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद भारतीय क्रिकेट में बदलाव की अटकलों पर तस्वीर साफ हुई है. सचिव देवजीत सैकिया ने वीवीएस लक्ष्मण को क्रिकेट निदेशक बनाए जाने की संभावना से इनकार किया. उन्होंने रोहित शर्मा के शानदार प्रदर्शन का हवाला देते हुए उनके भविष्य पर अटकलें नहीं लगाने की बात कही. बैठक में 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी, खिलाड़ियों की फिटनेस और टीम के प्रदर्शन पर चर्चा हुई.
एशियन गेम्स के लिए भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जो व्हाइट बॉल सेटअप का नियमित हिस्सा हैं. श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है. पिछली बार भी भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता था.
भारतीय क्रिकेट में गुरुवार को बड़ा मंथन होने वाला है. मुंबई में BCCI की हाई पावर मीटिंग में टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन के साथ रोहित शर्मा के भविष्य पर भी चर्चा संभव है. गंभीर, अगरकर और लक्ष्मण समेत बोर्ड के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे. 2027 वर्ल्ड कप, WTC, न्यूजीलैंड दौरा और टीम के प्रदर्शन से जुड़े अहम मुद्दे बैठक में उठेंगे.
भारतीय क्रिकेट में गुरुवार को होने वाली बीसीसीआई की हाई पावर बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं. बैठक में टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी. सबसे बड़ा सवाल रोहित शर्मा के 2027 वनडे विश्व कप भविष्य को लेकर है. इसके अलावा अजित अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका, न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी, खिलाड़ियों के चयन और टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर भी मंथन संभव है.
BCCI ने टीम इंडिया के विदेशी दौरों में खराब प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बड़ी मीटिंग बुलाई है. गौतम गंभीर, अजीत अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण मुंबई स्थित बोर्ड हेडक्वार्टर पहुंचेंगे. आयरलैंड और इंग्लैंड की हार, CoE पर खिलाड़ियों का भरोसा, IPL वर्कलोड, इंजरी मैनेजमेंट और 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर चर्चा होगी.
भारतीय क्रिकेट में सितंबर के महीने में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. पूर्व बल्लेबाज और BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को बड़ा पद दिए जाने की चर्चा है. यह पद मिलने पर उनका दायरा मौजूदा CoE भूमिका से काफी बढ़ जाएगा. टीम, सेलेक्टर्स, कोच और प्लेयर डेवलपमेंट के बीच तालमेल उनकी बड़ी जिम्मेदारी हो सकती है.
अजिंक्य रहाणे ने अपने संन्यास के बाद पूर्व भारतीय साथियों की प्रतिक्रिया का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर ने सबसे पहले फोन कर कहा कि उन्हें उम्मीद थी रहाणे अभी और खेलेंगे. इरफान पठान ने भी कॉल किया, जबकि चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने मैसेज किया. रहाणे ने कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है.
श्रीलंका सीरीज के लिए कई प्रमुख खिलाड़ियों का उपलब्ध नहीं होना इस मुद्दे को और गंभीर बना गया. वीवीएस लक्ष्मण ने जहां चोटों के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया है. वहीं बोर्ड के सामने अब बड़ी चुनौती रिहैब, वर्कलोड मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने की है.
जिम्बाब्वे दौरे पर अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने सिर्फ तीन मैचों में टीम इंडिया का माहौल बदल दिया. खिलाड़ियों पर भरोसा, सीमित बदलाव और शांत नेतृत्व ने उनकी कोचिंग शैली को गौतम गंभीर से अलग साबित किया. श्रेयस अय्यर और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की खुली तारीफ के बीच यह बहस भी तेज हो गई है कि क्या भविष्य में भारतीय टीम को अलग-अलग प्रारूपों के लिए अलग मुख्य कोच की जरूरत पड़ सकती है?
Vaibhav Suryavanshi ने जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरे टी20 में 49 गेंदों पर 81 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द मैच व प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। VVS Laxman ने बताया कि बीसीसीआई पिछले ढाई साल से उनकी प्रतिभा पर नजर रखे हुए था और उन्हें भविष्य के स्टार के रूप में तैयार किया जा रहा था।
चार महीने पहले हरारे में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने वाले वैभव सूर्यवंशी अब सीनियर टीम इंडिया के साथ उसी मैदान पर लौटे हैं. जिम्बाब्वे टी20 सीरीज से पहले युवा बल्लेबाज ने कहा कि इस ग्राउंड से उनकी खास यादें जुड़ी हैं और वह अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे.
इंग्लैंड और आयरलैंड में मिली करारी हार के बाद टीम इंडिया अब जिम्बाब्वे के खिलाफ 23 जुलाई से टी20 सीरीज खेलेगी. BCCI ने पहला प्रैक्टिस वीडियो जारी किया है. सबसे ज्यादा नजरें युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी.
इससे पहले भी कई मौकों पर वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने का उनके पास लंबा अनुभव है और वह वर्तमान में बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख भी हैं.