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अभिषेक शर्मा के लिए फाइनल में उधारी का बैट बना लकी चार्म... जड़ी रिकॉर्डतोड़ फिफ्टी

सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में खुद का नहीं, बल्कि अपने एक टीममेट का बल्ला इस्तेमाल किया था. बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने फाइनल में सिर्फ 18 गेंदों पर फिफ्टी जमा दी.

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अभिषेक शर्मा ने फाइनल में खेली ताबड़तोड़ पारी. (Photo: Getty)
अभिषेक शर्मा ने फाइनल में खेली ताबड़तोड़ पारी. (Photo: Getty)

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए यादगार पारी खेली. पूरे टूर्नामेंट में संघर्ष कर रहे इस युवा बल्लेबाज ने सबसे बड़े मंच पर न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी काबिलियत को दर्शाया.

रविवार (8 मार्च) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 21 गेंदों में 52 रन ठोक दिए. उन्होंने अपनी तूफानी पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए. अभिषेक ने इस दौरान महज 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल का सबसे तेज अर्धशतक रहा. साथ ही टी20 वर्ल़्ड कप के इतिहास की ये संयुक्त रूप से तीसरी सबसे तेज फिफ्टी भी रही.

यह भी पढ़ें: बुमराह का व‍िध्वंस, सैमसन-अभिषेक का सुपर शो... टीम इंड‍िया ने T20 चैम्प‍ियन बनकर फोड़े ये 10 बड़े रिकॉर्ड

अभिषेक शर्मा ने इस दौरान संजू सैमसन के साथ मिलकर भारतीय टी को धमाकेदार शुरुआत दिलाई. दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में 96 रन जोड़ दिए, जो टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर रहा. इस तेज शुरुआत ने भारत के बड़े स्कोर की मजबूत नींव रखी.

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फाइनल में अभिषेक शर्मा ने अपना नहीं, बल्कि ऑलराउंडर शिवम दुबे का बल्ला इस्तेमाल किया था. मैच के बाद उन्होंने खुलासा करते हुए बताया कि फाइनल की सुबह उन्होंने कुछ नया ट्राई करने का फैसला किया था. अभिषेक ने कहा, मैंने शिवम दुबे के बल्ले से बल्लेबाजी की, इसलिए उन्हें धन्यवाद. सुबह मुझे लगा कि कुछ अलग ट्राई करना चाहिए. शुभमन गिल आसपास नहीं थे, इसलिए मैं दुबे के पास गया और उनका बल्ला ले लिया.'

लगातार तीन पारियों में डक पर आउट हुए अभिषेक
अभिषेक शर्मा के लिए यह टूर्नामेंट कुल मिलाकर अच्छा नहीं रहा. शुरुआती तीन पारियों में वह शून्य पर आउट हो गए थे और उसके बाद भी उतना अच्छा खेल नहीं दिखा पाए. ऐसे में उन पर सवाल उठने लगे थे. हालांकि भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा. अभिषेक ने कहा कि टीम के साथियों का भरोसा ही उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना.

अभिषेक शर्मा ने कहा, पिछले एक महीने से मैं मुश्किल दौर से गुजर रहा था. ऐसे समय में आपके आसपास के लोग बहुत मायने रखते हैं. जब मैं रन नहीं बना पा रहा था, तब भी टीम के सभी खिलाड़ी मुझ पर भरोसा जता रहे थे. वे कहते थे कि वह जरूर अच्छा करेगा.' अभिषेक शर्मा ने आखिरकार फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दमदार पारी खेलकर साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी वही होते हैं जो सबसे बड़े मंच पर चमकते हैं.

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