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शाह‍िद आफरीदी, रिंकू सिंह और अभ‍िषेक शर्मा... क्रिकेट में काम करता है बल्ला उधार लेने का 'टोटका', कई बार बना इत‍िहास! देखें कब-कब, कैसे-कैसे हुआ ऐसा

हाल ही में ज‍िम्बाब्वे दौरे पर टी20 डेब्यू करने वाले अभ‍िषेक शर्मा ने एक खुलासा किया था कि उन्होंने दूसरे टी20 में शतक शुभमन गिल के बल्ले से पूरा किया. लेकिन क्रिकेट इत‍िहास में ऐसा पहली बार नहीं बल्क‍ि पहले भी कई बार हुआ है, जब उधारी के बल्ले से कई ऐत‍िहास‍िक पार‍ियां खेली गईं.

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क्रिकेट इत‍िहास में उधारी के बल्ले से खेली गई हैं कई ऐत‍िहास‍िक पार‍ियां
क्रिकेट इत‍िहास में उधारी के बल्ले से खेली गई हैं कई ऐत‍िहास‍िक पार‍ियां

उधार का बल्ला लिया और शतक... जबकि अपने डेब्यू मैच में यह ख‍िलाड़ी 0 पर आउट हुआ. यह ख‍िलाड़ी कोई और नहीं, बल्क‍ि जिम्बाब्वे दौरे पर शतक जड़ने वाले अभ‍िषेक शर्मा रहे. युवराज स‍िंंह के शाग‍िर्द अभ‍िषेक ने इस मुकाबले में 47 गेंदों पर 100 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 8 छक्के शामिल रहे.

अभ‍िषेक का शतक 46 गेंदों पर आया. यह अभ‍िषेक की पारी ही थी, जिसकी बदौलत भारत ने पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे से हारने के बाद दूसरे मैच में धमाकेदार जीत दर्ज की. 

खास बात यह रही कि अभ‍िषेक शर्मा का टी20 शतक भारतीय रिकॉर्ड के ल‍िहाज से संयुक्त रूप से तीसरा सबसे तेज शतक रहा. वहीं अभ‍िषेक के शतक से ज्यादा चर्चा उनके बल्ले की रही. जो उधारी का था. 

दरअसल, अभ‍िषेक शर्मा ने यह शतक भारतीय कप्तान शुभमन गिल के बल्ले से जड़ा. अभिषेक ने खुद इस बारे में खुलासा किया कि वह कमबैक के लिए शुभमन गिल के बैट से खेलते हैं.

अभिषेक बोले- शुभमन आसानी से बैट देते नहीं हैं और उन्हें मुश्किल से बल्ला मिला. ध्यान रहे अभ‍िषेक शर्मा और शुभमन गिल जिगरी दोस्त हैं, दोनों ने जून‍ियर लेवल पर पंजाब के ल‍िए एक-दूसरे के साथ काफी क्रिकेट खेला है.

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यानी कुल मिलाकर अभ‍िषेक शर्मा का शुभमन गिल का उधार का बल्ला लेने का यह टोटका काम कर गया. उन्होंने अपनी पारी से साबित कर दिया कि एक शर्मा जी का बेटा (रोहित) चला गया है तो उनकी जगह लेने के ल‍िए दूसरा शर्मा जी का बेटा (अभ‍िषेक) आ गया है.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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वैसे क्रिकेट इत‍िहास में ऐसा पहले भी कई दफा हुआ है. जब किसी ख‍िलाड़ी ने दूसरे का बल्ला लिया हो और इत‍िहास रच दिया हो. ऐसे ही कुछ किस्सों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं. 

1: आफरीदी ने 37 गेंदों की ऐत‍िहास‍िक पारी उधार के बल्ले से खेली 

4 अक्टूबर 1996 की तारीख थी और मैदान था केन्या का नैरोबी ज‍िमखाना. यह आफरीदी का दूसरे वनडे मैच था, जहां उन्होंने 37 गेंदों में शतक जड़कर तब सनथ जयसूर्या के सबसे तेज सेंचुरी का रिकॉर्ड तोड़ा था. लेकिन सालों बाद यह खुलासा हुआ कि आफरीदी ने जो बैट अपनी इस शतकीय पारी में इस्तेमाल किया था, वह सच‍िन तेंदुलकर का था. यह बैट उनको तब वकार यूनुस ने खेलने के ल‍िए दिया था. 

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2021 में एक यूट्यूब वीडियो में आफरीदी ने यह किस्सा बताया था, आफरीदी तब बोले थे, 'मैंने वह बल्ला सेफ रखा है, जिससे मैंने अपनी पहली पारी खेली थी, उस बल्ले ने इतिहास रच दिया था, यह सचिन का बल्ला था और वह मेरे पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक हैं और मैंने उनके बल्ले से वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. मैं उस बल्ले के लिए वकार यूनुस का शुक्रगुजार हूं क्योंकि उन्होंने ही मुझे यह बल्ला दिया था, तब मैं मैच से पहले प्रैक्ट‍िस कर रहा था. उन्होंने तब मुझे उस ऐत‍िहास‍िक मैच में बल्ले को खेलने के ल‍िए दिया था.'

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यानी आफरीदी के ल‍िए भी उधार के बल्ले ने कमाल किया था और इस एकमात्र पारी से वह क्रिकेट के विश्व पटल पर छा गए थे. 

2: रिंकू ने अपने बल्ले से नहीं, बल्कि इस खिलाड़ी के बल्ले से जड़े 5 छक्के

कोलकाता नाइट राइडर्स ने 9 अप्रैल 2024 को हुए रोमांचक मैच में गुजरात टाइटन्स को तीन विकेट से हराया था. इस मैच में आखिरी ओवर में KKR को जीत के लिए 29 रनों की जरूरत थी. यश दयाल के ओवर की पहली गेंद पर उमेश यादव ने एक रन लेकर रिंकू सिंह को स्ट्राइक दी. अब केकेआर को जीत के लिए पांच गेंदों पर 28 रनों की जरूरत थी.

इसके बाद जो र‍िंकू सिंह ने किया उससे आईपीएल में इतिहास बन गया. रिंकू ने आखि‍री की 5 गेंदों पर 5 छक्के जड़ दिए.  रिंकू 21 गेंदों पर 48 रन पर नॉट आउट लौटे. खास बात यह रही कि जिस बैट से रिंकू सिंह ने ये 5 छक्के मारे, वो बैट उनका नहीं था. यह बैट KKR के कप्तान (2023 सीजन में कप्तान) नीतीश राणा का था.

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कप्तान नीतीश राणा ने खुद ये बात मैच के बाद एक वीडियो में बताई थी. नीतीश ने कहा उन्होंने खुद इस बैट से IPL में दो मैच खेले. केकेआर के कप्तान नीतीश ने कहा-आज मैंने बैट चेंज किया, रिंकू ने मुझसे बैट मांगा, मैं देना नहीं चाहता था. मुझे लग रहा था कि वह इस बैट को पिक करेगा. अब से ये बैट उसका ही है.  

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3: तिलक वर्मा ने भी उधार के बल्ले से मचाई थी तबाही 

भारतीय टीम और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला पिछले साल पोर्ट ऑफ स्पेन में 3 अगस्त को खेला गया. यह टीम इंडिया का 200वां टी20 इंटरनेशनल मैच रहा. उस मैच के साथ स्टार बल्लेबाज तिलक वर्मा और तेज गेंदबाज मुकेश कुमार को डेब्यू का मौका मिला. तिलक वर्मा का इस मैच के साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू भी हुआ.

हैदराबादी तिलक का जन्म 8 नवंबर 2002 को हुआ था. उनके परिवार की आर्थिक स्थित‍ि अच्छी नहीं थी. तिलक बचपन में टेनिस क्रिकेट खेलते थे. तभी कोच सलाम बयाश की उन पर नजर पड़ी और उन्होंने तिलक को ना सिर्फ फ्री में अकादमी में क्रिकेट सिखाया, बल्कि तिलक के पिता को उसे क्रिकेट खेलने देने के लिए राजी किया. 

तिलक के पिता ने बाद में हालांकि अपने बेटे का साथ दिया और 40 किलोमीटर दूर अकादमी होने के चलते उन्होंने तिलक की अकादमी के पास ही नौकरी तलाश ली. जिससे तिलक परिवार सहित अकादमी के पास रहने लगे. तिलक के पास शुरू में बल्ला खरीदने का पैसा नहीं था. एक साल क्रिकेट सीखने के बाद तिलक ने उधार के बल्ले से शतक जमाया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

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तिलक ने चार साल जमकर रन बरसाए और भारतीय घरेलू क्रिकेट में साल 2021-22 में विजय मर्चेंट ट्रॉफी से कदम रखा. इस टूर्नामेंट में तिलक ने 180 रन बनाए.  इसके बाद IPL 2022 में मुंबई इंडियंस (MI) की टीम में शामिल हो गए, जहां उन्होंने अपनी बैटिंग से दिग्गजों को भी मुरीद कर लिया. तिलक ने पहले सीजन 14 मैचों 397 रन बनाए. जबकि अपने चौतरफा शॉट्स से सभी का दिल भी जीता. 

 

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