इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स टेस्ट मैच में तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने ऐसी बॉलिंग की है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. दो साल बाद इंग्लिश टीम में वापसी करने वाले रॉबिन्सन की घातक गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम पहली पारी में महज 113 रनों पर सिमट गई.
मैच के पहले दिन (4 जून) ही तेज गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला था, जहां कुल 16 विकेट गिरे थे. दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड का स्कोर 61/6 था और टीम गहरे संकट में फंसी हुई थी. दूसरे दिन भी कीवी बल्लेबाज इंग्लिश गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके.
पहले दिन 31 रन बनाकर नाबाद लौटे ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स से टीम को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन दूसरे दिन वह सिर्फ तीन रन और जोड़ सके. तेज गेंदबाज जोश टंग ने उनका ऑफ स्टम्प उखाड़कर न्यूजीलैंड को बड़ा झटका दिया. इसके बाद न्यूजीलैंड की पारी लगातार लड़खड़ाती चली गई. टंग ने नाथन स्मिथ को भी 15 रनों के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया.
ऐसा लगा मानो बल्लेबाज लॉर्ड्स की ढलान को समझ ही नहीं पाए और गेंद उनके बल्ले को चकमा देती रही.हालांकि निचले क्रम में काइल जेमिसन ने कुछ आक्रामक शॉट जरूर लगाए. उन्होंने टंग की गेंद पर सीधा छक्का जड़ा और बाद में रॉबिन्सन को लगातार दो गेंदों पर दो छक्के भी लगाए.
इंग्लैंड के एक और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन ने विलियम ओरोर्के को स्लिप में कैच करवाकर न्यूजीलैंड की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया. इसके बाद ओली रॉबिन्सन ने आखिरी बल्लेबाज मैट हेनरी को बिना खाता खोले बोल्ड कर न्यूजीलैंड की पारी का अंत कर दिया.
ओली रॉबिन्सन ने 10.1 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट लिए, जो उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है. यह उनके करियर का चौथा पांच विकेट हॉल रहा. इससे पहले पहले दिन उन्होंने ट्रिपल-विकेट मेडन ओवर डालकर मैच का रुख इंग्लैंड की ओर मोड़ दिया था.
न्यूजीलैंड की ओर से काइल जेमिसन 38 रन बनाकर नाबाद रहे और वही टीम के सबसे सफल बल्लेबाज भी रहे. हालांकि बाकी बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते नजर आए. इंग्लैंड की पहली पारी 140 रनों पर समाप्त हुई थी. इसके जवाब में न्यूजीलैंड सिर्फ 113 रन ही बना सका, जिससे मेजबान टीम को पहली पारी में 27 रनों की अहम बढ़त मिल गई.