भारत के महान ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान कपिल देव ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है. कपिल ने कहा कि वह अपने पुराने दोस्त के लिए इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि मामला अब सिर्फ क्रिकेट या राजनीति का नहीं, बल्कि इंसानियत का है. उन्होंने इमरान को जेल में पर्याप्त सुविधाएं और बेहतर मानवीय व्यवहार दिए जाने की मांग की.
कपिल की यह टिप्पणी उन 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों की ओर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लिखे गए पत्र के एक दिन बाद आई, जिसमें जेल में बंद इमरान खान के साथ बेहतर व्यवहार और सुविधाओं की मांग की गई थी.
'सिर्फ इंसानियत की बात कर रहे'
‘रेस टू डीपी वर्ल्ड इंडिया चैम्पियनशिप’ के लॉन्च के दौरान कपिल ने कहा कि वह पाकिस्तान के मौजूदा क्रिकेटरों को इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए दोष नहीं देते, क्योंकि उन्हें उसी देश में रहना है. लेकिन विदेश में मौजूद लोग अपनी चिंता जाहिर कर सकते हैं.
कपिल ने कहा, 'हम अपने उस दोस्त का समर्थन करना चाहते हैं, जिसके साथ हमने क्रिकेट खेला और जिसकी क्रिकेटिंग स्किल्स की हमने तारीफ की. हम बार-बार कहते हैं कि हमें उनके देश के कानून की जानकारी नहीं है, यह ठीक है. लेकिन इंसानियत के नाते किसी भी कैदी को जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए.'
उन्होंने आगे कहा कि इमरान सिर्फ एक कैदी नहीं हैं, बल्कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और दुनिया के शीर्ष क्रिकेटरों में से एक रहे हैं. कपिल ने साफ किया कि उनकी मांग किसी कानूनी मामले में दखल की नहीं है.
'हम और कुछ नहीं मांग रहे'
कपिल ने कहा, 'वह पूर्व प्रधानमंत्री रहे हैं और दुनिया के शीर्ष क्रिकेटर रहे हैं. हम चाहते हैं कि उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलें. हम और क्या मांग रहे हैं? हम और कुछ नहीं मांग रहे.'
इमरान खान के परिवार की ओर से पहले उनकी सेहत और आंखों की रोशनी को लेकर गंभीर चिंता जताई जा चुकी है. परिवार ने आरोप लगाया था कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उनकी एक आंख की लगभग पूरी रोशनी चली गई. इसी मुद्दे पर फरवरी में भी पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के एक समूह ने उनकी चिकित्सा देखभाल और परिवार से मुलाकात बहाल करने की मांग की थी.
एक दौर में मैदान के प्रतिद्वंद्वी, मैदान के बाहर दोस्त
कपिल देव और इमरान खान की दोस्ती क्रिकेट इतिहास के उस दौर से जुड़ी है, जब दोनों दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में गिने जाते थे. उसी दौर में न्यूजीलैंड के रिचर्ड हेडली और इंग्लैंड के इयान बॉथम भी ऑलराउंडरों की इस प्रतिष्ठित चौकड़ी का हिस्सा थे.
भारत-पाकिस्तान की जबरदस्त क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता के बावजूद कपिल और इमरान के बीच मैदान के बाहर दोस्ताना रिश्ता रहा. दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबले खेले, लेकिन निजी रिश्ते और आपसी सम्मान बरकरार रहा.
पाकिस्तानी खिलाड़ियों की चुप्पी पर भी बोले कपिल
कपिल ने यह भी माना कि पाकिस्तान में मौजूद खिलाड़ियों के लिए इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बोलना आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान के क्रिकेटरों को इसके लिए दोषी नहीं ठहराते.
उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें दोष नहीं देता, क्योंकि उन्हें पाकिस्तान में ही रहना है. लेकिन हम बाहर से देख रहे हैं और अपनी बात रख सकते हैं.'
कपिल का संदेश साफ था- इमरान खान के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन जेल में उनके साथ मानवीय व्यवहार और जरूरी सुविधाओं को लेकर आवाज उठाना वह अपना फर्ज मानते हैं.