बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE 4.0) को लेकर बनी असमंजस की स्थिति को पूरी तरह साफ कर दिया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार TRE 4.0 परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा.
BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि TRE 4.0 की परीक्षा दो चरणों प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य परीक्षा (Mains) में ली जाएगी. उन्होंने कहा कि देश की कई बड़ी भर्ती एजेंसियां दो चरणों में ही परीक्षाएं आयोजित करती हैं. आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया को अंतिम रूप देते समय आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के सुझावों पर भी विचार किया है.
परीक्षा नियंत्रक ने यह भी साफ किया कि नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था खत्म नहीं होगी और यह नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू होगा.
भाषा और 60% से अधिक अंकों का नियम क्या है?
आयोग ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के उम्मीदवारों को अलग-अलग अंक दिए गए. आयोग के मुताबिक, फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों से परीक्षा की भाषा का विकल्प नहीं मांगा जाता है. इसलिए BPSC के पास हिंदी या अंग्रेजी माध्यम के परीक्षार्थियों का कोई अलग डेटा मौजूद नहीं है.
इसके अलावा, 60 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों से जुड़े नियम पर आयोग ने स्थिति साफ की. BPSC ने बताया कि यदि किसी अभ्यर्थी को 60% से अधिक अंक मिलते हैं, तो उसकी उत्तर पुस्तिका को री-चेकिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उम्मीदवार 60% से ज्यादा स्कोर नहीं कर सकते.
कब होगी परीक्षा?
BPSC TRE 4.0 की सटीक तारीखों का ऐलान फिलहाल नहीं किया गया है. आयोग का कहना है कि परीक्षा का शेड्यूल कुल प्राप्त आवेदनों की संख्या पर निर्भर करेगा.
1 दिन में परीक्षा: यदि आवेदनों की संख्या 5 लाख तक रहती है, तो परीक्षा एक ही दिन में संपन्न करा ली जाएगी.
2 से 3 दिन: अगर आवेदकों की संख्या 5 लाख से अधिक होती है, तो परीक्षा 2 से 3 दिनों में आयोजित हो सकती है.
आयोग के अनुसार, TRE 4.0 की परीक्षा तिथियों की घोषणा अक्टूबर में होने की पूरी संभावना है, जबकि परीक्षा का आयोजन नवंबर या दिसंबर के महीने में कराया जा सकता है.