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'उसे मत रोको, बस खेलने दो...', 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सचिन तेंदुलकर ने कही सबसे बड़ी बात

वैभव सूर्यवंशी का अगला पड़ाव श्रीलंका दौरा होगा. जून 2026 में होने वाली ट्राई सीरीज में वह भारत-ए के लिए खेलेंगे. यह दौरा उनके करियर का अगला बड़ा टेस्ट माना जा रहा है. यदि वैभव इस टूर पर सफल होते हैं, तो उनकी टीम इंडिया में एंट्री होने में देर नहीं लगेगी.

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वैभव सूर्यवंशी के फैन बने सचिन तेंदुलकर (Photo: PTI/screengrab from X)
वैभव सूर्यवंशी के फैन बने सचिन तेंदुलकर (Photo: PTI/screengrab from X)

15 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे क्रिकेटर बनने का सपना देख रहे होते हैं, तब वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य बन चुके हैं. राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस युवा बल्लेबाज ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में ऐसा तूफान मचाया कि अब सिर्फ फैन्स ही नहीं, बल्कि दिग्गज क्रिकेटर्स भी उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे. रिकॉर्ड टूट रहे हैं, गेंदबाज बेबस दिख रहे हैं और टीम इंडिया में उनकी एंट्री की मांग हर दिन तेज होती जा रही है.

अब इस ‘वंडर बॉय’ को लेकर खुद सचिन तेंदुलकर ने बड़ी बात कही है. 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले सचिन ने वैभव को सलाह देते हुए कहा कि सबसे जरूरी चीज यह है कि वह खुद को बिल्कुल न बदलें. ईएसपीएन क्रिकइंफो अवॉर्ड्स के दौरान सचिन ने कहा, 'मैं उसे यही कहूंगा कि वह जैसा है वैसा ही बना रहे. हर चीज का पहला मौका होता है. टेस्ट क्रिकेट में उम्र और अनुभव के साथ वह अलग-अलग चुनौतियों से निपटना सीख जाएगा.'

सचिन तेंदुलकर ने साफ कहा कि वैभव सूर्यवंशी की नैचुरल बल्लेबाजी से छेड़छाड़ करना गलत होगा. सचिन ने कहा, 'वह ऐसा खिलाड़ी लगता है जिसे खुद पर पूरा भरोसा है और उसे अच्छी तरह पता है कि वह क्या करना चाहता है. मैं उसकी नैचुरल इंस्टिंक्ट्स के साथ बिल्कुल छेड़छाड़ नहीं करना चाहूंगा. जिस तरह वह गेंद को देखता है और जिस तरह उस पर रिएक्ट करता है, वह बहुत खास है. अगर उसके दिमाग में बहुत सारी बातें डाल दी जाएं और लगातार निर्देश दिए जाएं, वहीं असली समस्या शुरू होगी.'

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सचिन तेंदुलकर ही नहीं, अब दुनिया के कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स वैभव की बल्लेबाजी तकनीक के दीवाने हो चुके हैं. सचिन ने बताया, 'मैंने वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखी. वह शानदार थी, सच में बेहद खास. सिर्फ गेंद को जोर से मारने की क्षमता ही नहीं, बल्कि जिसने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह उसका रिस्टवर्क था. किसी भी बल्लेबाज को मैदान के हर हिस्से में शॉट खेलने के लिए शानदार रिस्टवर्क चाहिए होता है.वह गेंद को सिर्फ स्लॉग नहीं करता. वह बाकी बल्लेबाजों से पहले लाइन और लेंथ पढ़ लेता है और आराम से गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा देता है.'

दरअसल, यही चीज वैभव सूर्यवंशी को बाकी युवा बल्लेबाजों से अलग बनाती है. वह सिर्फ ताकत के भरोसे बल्लेबाजी नहीं करते. टाइमिंग, गेंद को जल्दी पढ़ने की क्षमता और शॉट चयन उन्हें बेहद खास बनाता है. आईपीएल 2026 में उन्होंने 776 रन बनाए, लेकिन आंकड़ों से भी ज्यादा बड़ी चीज उनका खेलने का अंदाज था. पूरे सीजन उन्होंने जिस तरह छक्कों की बारिश की, उसने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. उन्होंने क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाए.

उस पर प्रेशर डालना सही नहीं: सचिन
अब उनकी तुलना खुद सचिन तेंदुलकर से होने लगी है, जिन्होंने किशोर उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था. हालांकि सचिन ने जल्दबाजी से बचने की सलाह भी दी. उन्होंने कहा, 'मैं सेलेक्टर नहीं हूं, लेकिन सिर्फ मैं ही नहीं, हर कोई उसे किसी ना किसी स्तर पर भारत के लिए खेलते देखना चाहता है. ऐसे टैलेंट को सपोर्ट और प्रोत्साहन मिलना चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि हम उसका क्रिकेट एंजॉय करें और उस पर लगातार दबाव न डालें.'

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वैभव सूर्यवंशी का IPL 2026 में सफर भले राजस्थान रॉयल्स की हार के साथ खत्म हुआ, लेकिन उनका आखिरी मैच भी चर्चा में रहा. गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ क्वालिफायर-2 में उन्होंने सिर्फ 47 गेंदों में 96 रन ठोक दिए. सामने कगिसो रबाडा, जेसन होल्डर और मोहम्मद सिराज जैसे बड़े गेंदबाज थे, लेकिन वैभव बिना डरे खेलते रहे.

भारतीय टीम को जून के आखिर में आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलनी है, जबकि जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर पांच टी20 मुकाबले होंगे. ऐसे में सवाल लगातार बड़ा होता जा रहा है- क्या भारतीय क्रिकेट अब 15 साल के इस तूफान को टीम इंडिया की नीली जर्सी में देखने के लिए तैयार है?

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