अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर टेस्ट में भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल को ऐसा जीवनदान मिला, जिसकी काफी चर्चा हो रही है.. अफगानिस्तान की टीम ने डीआरएस नहीं लेकर एक बड़ी गलती कर दी और राहुल साफ तौर पर आउट होने के बावजूद क्रीज पर टिके रहे. बाद में रिप्ले में सच सामने आया तो हर कोई हैरान रह गया.
भारतीय पारी के 11वें ओवर में यह पूरा घटनाक्रम देखने को मिला. अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज जियाउर रहमान शरीफी लगातार ऑफ स्टम्प के बाहर गेंदबाजी कर राहुल को परेशान कर रहे थे. राहुल भी रन बनाने के लिए थोड़ा दबाव महसूस कर रहे थे और इसी कोशिश में उन्होंने कट शॉट खेलने का प्रयास किया.
गेंद बल्ले का हल्का किनारा लेते हुए सीधे विकेटकीपर अफसर जजई के दस्तानों में चली गई. अफगानी खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की, लेकिन अंपायर ने उंगली नहीं उठाई. राहुल भी बिना किसी प्रतिक्रिया के अपनी जगह पर खड़े रहे, मानो उनके बल्ले पर गेंद नहीं लगी हो. हालांकि स्लिप में खड़े रहमानुल्लाह गुरबाज ने कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी से डीआरए लेने की गुहार लगाई. गुरबाज को पूरा भरोसा था कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर गई है. हालांकि शाहिदी ने अपने साथी की बात नहीं मानी और रिव्यू लेने से इनकार कर दिया.
अफगानिस्तान का यही फैसला बाद में उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुआ. जब बड़ी स्क्रीन पर रिप्ले दिखाया गया तो अल्ट्रा एज में साफ नजर आया कि गेंद केएल राहुल के बल्ले से टकराई थी. यानी अगर अफगानिस्तान डीआरएस ले लेता तो राहुल को तुरंत पवेलियन लौटना पड़ता. रिप्ले सामने आने के बाद कमेंट्री बॉक्स में बैठे इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, 'केएल राहुल, यहां आइए. यह आपका ऑस्कर अवॉर्ड है.' स्वान का इशारा राहुल के उस शांत चेहरे की ओर था, जिसमें आउट होने के बावजूद कोई घबराहट नजर नहीं आई.
केएल राहुल की किस्मत यहीं नहीं रुकी. कुछ ओवर बाद उन्हें दूसरा जीवनदान भी मिल गया. 16वें ओवर में गेंद उनके पैड पर लगी, लेकिन अफगानिस्तान ने इस बार अपील तक नहीं की. बाद में रिप्ले में दिखा कि गेंद स्टंप्स को हिट कर सकती थी. हालांकि फैसला अंपायर्स कॉल के दायरे में रहता, लेकिन अफगानिस्तान ने एक और मौका गंवा दिया.
दो-दो जीवनदान मिलने के बाद राहुल ने अफगानिस्तान को इसकी कीमत चुकाने पर मजबूर कर दिया. शुरुआती संघर्ष के बाद उन्होंने शानदार बल्लेबाजी शुरू की और भारतीय पारी को मजबूती दी. इस दौरान उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर के 9000 रन भी पूरे कर लिए, जो उनके लंबे और सफल क्रिकेट करियर में एक और बड़ा माइलस्टोन है.
केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए 41 रन जोड़े. हालांकि यशस्वी जायसवाल ज्यादा देर नहीं टिक सके, लेकिन राहुल ने अफगानिस्तान की गलतियों का भरपूर फायदा उठाते हुए अपनी पारी को आगे बढ़ाया.