भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को 2018-19 सत्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित पॉली उमरीगर पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. बीसीसीआई ने रविवार को यह घोषणा की. मुंबई में आज (रविवार को) 26 साल के पेसर बुमराह को बीसीसीआई वार्षिक पुरस्कार समारोह के दौरान यह अवॉर्ड दिया जाएगा. दुनिया के नंबर-1 वनडे गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने जनवरी 2018 में भारत के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा है.
जसप्रीत बुमराह ने टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज में एक पारी के दौरान पांच विकेट लेने का कारनामा किया और यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले और एकमात्र एशियाई गेंदबाज बने. बुमराह ने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक भी ली. बुमराह ने जमैका के सबिना पार्क में अपनी हैट्रिक से वेस्टइंडीज की बैटिंग लाइन-अप की धज्जियां उड़ा दी थीं. ऐसा करने वाले वह तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं.
'यॉर्करमैन' बुमराह ने भारत की ऑस्ट्रेलिया में में शानदार भूमिका निभाई, जिससे भारत बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी बरकरार रखने में कामयाब रहा. बुमराह जहां पुरुष वर्ग में सबसे बड़ा पुरस्कार (Best International Cricketer- Men) हासिल करेंगे. वहीं, पूनम यादव महिला वर्ग में शीर्ष पुरस्कार पर कब्जा करेंगी और उन्हें सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर से सम्मानित किया जाएगा. लेग स्पिनर पूनम यादव को हाल ही में अर्जुन पुरस्कार मिला है.
NEWS: set to receive Polly Umrigar Award at BCCI Awards (Naman) today. named best int'l cricketer (woman)
Former captains & to be honoured with Lifetime Achievement Awards
Details -
— BCCI (@BCCI)
जसप्रीत बुमराह को पॉली उमरीगर अवॉर्ड के साथ-साथ 2018-19 में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के लिए दिलीप सरदेसाई अवॉर्ड से भी मिलेगा. भारत के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत और अंजुम चोपड़ा को क्रमशः कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और महिलाओं में बीसीसीआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा.
श्रीकांत ने 43 टेस्ट मैच खेले, जिसमें दो शतक और 12 अर्धशतकों की मदद से 2062 रन बनाए, लेकिन वह वनडे क्रिकेट था जिसमें उन्होंने बल्ले का जलवा दिखाया. तेज गेंदबाजों के सामने उनकी निडर बल्लेबाजी सुर्खियां बटोरती थी. वर्ल्ड कप 1983 के फाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने सर्वाधिक 38 रन बनाए थे.
श्रीकांत को 1989 में पाकिस्तान दौरे के लिए कप्तान नियुक्त किया गया. यह वही सीरीज थी, जिसमें सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. यह सीरीज ड्रॉ रही, लेकिन इसके बाद उन्हें कप्तानी से हटा दिया गया था. उन्होंने 1992 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले लिया था. श्रीकांत 2009 से 2012 तक राष्ट्रीय चयनसमिति के अध्यक्ष भी रहे.
अंजुम चोपड़ा को मिताली राज से पहले भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला बल्लेबाज माना जाता था. उन्होंने 12 टेस्ट मैचों में 548 रन बनाए. अंजुम ने इसके अलावा 127 वनडे भी खेले, जिसमें उन्होंने एक शतक और 18 अर्धशतक लगाए. उन्होंने 18 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले.