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IND vs AUS: सिडनी टेस्ट से पहले चोटिल अश्विन पर कोहली का बड़ा बयान, क्या नहीं खेलेंगे?

Ravichandran Ashwin similar injuries two successive away tours अश्विन ने पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण एडिलेड में पहले टेस्ट में 86 ओवरों तक गेंदबाजी करने के बाद मौजूदा सीरीज में हिस्सा नहीं लिया है.

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Team India
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भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को कहा कि रविचंद्रन अश्विन की लगातार दो विदेशी दौरों पर ‘एक तरह की चोटें’ चिंता का विषय है और इस ऑफ स्पिनर को इन्हें ठीक करने पर ध्यान लगाना चाहिए. अश्विन ने पेट की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण एडिलेड में पहले टेस्ट में 86 ओवरों तक गेंदबाजी करने के बाद मौजूदा सीरीज में हिस्सा नहीं लिया है. भारतीय टीम प्रबंधन ने अश्विन को अंतिम 13 में शामिल किया है और आधिकारिक रूप से घोषणा की कि उन पर फैसला गुरुवार को मैच शुरू होने से पहले ही लिया जाएगा. कोहली ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के इस ऑफ स्पिनर को एक जैसी ही चोट लग रही है.

कप्तान ने अंतिम टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अश्विन पिछले दो विदेशी दौरों (इंग्लैंड और अब ऑस्ट्रेलिया) में एक तरह की चोटों से जूझ रहे हैं. किसी अन्य की तुलना में वह इसे ठीक करने पर ध्यान लगाएंगे.’ उन्होंने कहा, ‘फिजियो और ट्रेनर ने उनसे बात की है कि चोट से उबरने के लिए उन्हें किस चीज की जरूरत है. वह निश्चित रूप से टीम के लिए काफी अहम हैं. टेस्ट क्रिकेट में वह इस टीम का अहम हिस्सा हैं और हम उन्हें शत प्रतिशत फिट देखना चाहते हैं और वो भी लंबे समय तक, ताकि वह टेस्ट प्रारूप में हमारे लिए ज्यादा योगदान कर सकें.’

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कप्तान ने कहा, ‘वह (अश्विन) इस बात से काफी निराश हैं कि वह समय पर नहीं उबर पा रहे, लेकिन पूर्ण फिटनेस हासिल करने के लिए क्या चीज करने की जरूरत है, यह उन्हें बता दिया गया है. लेकिन ईमानदारी से कहूं तो आप चोट की भविष्यवाणी नहीं कर सकते. जब यह लगती है, तो इस चोट से उबरने के लिए आप जो कर सकते हो, वो करते हो.’

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अश्विन की चोट से चर्चा कोहली के पीठ दर्द तक पहुंच गई, जो पिछले कुछ समय से इससे जूझ रहे हैं. कोहली मेलबर्न टेस्ट के दौरान दर्द में थे और क्षेत्ररक्षण करते हुए भी वह अपनी कमर पर थपथपाते हुए देखे गए, लेकिन अब उन्होंने इससे निपटना सीख लिया है. कोहली ने चोट प्रबंधन से जिस तरह से मदद ली है, यह स्पिनर भी इससे सीख ले सकता है.

उन्होंने कहा, ‘आपको इससे शारीरिक रूप से निपटना होता है और चोट को दूर रखना होता है. अब मैं ऐसा करने में सफल रहा हूं और मुझे पूरा भरोसा है कि मैं इससे निपटने के लिए ज्यादा विकल्प ढूंढ़ सकता हूं और पूरी तरह फिट रह सकता हूं.’ कोहली ने कहा, ‘मनुष्यों के साथ यह संभव नहीं है कि उन्हें चोट नहीं लगे और मुझे लगता है कि यहां वहां कुछ मामूली चोटों से कोई परेशानी नहीं है. बस आपको इनसे अच्छी तरह निपटना आना चाहिए.’

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कोहली ने खुलासा किया कि उन्हें भारतीय टीम में शुरुआती दिनों में 2011 से ही डिस्क की समस्या रही है. उन्होंने कहा, ‘जहां तक मेरी फिटनेस की समस्या है तो मुझे 2011 से डिस्क संबंधित परेशानियां रही हैं, इसमें कुछ नया नहीं है. लेकिन, मैं पिछले कुछ वर्षों में शारीरिक प्रयासों से इससे निपटने में सफल रहा हूं. अगर आपको डिस्क संबंधित परेशानियां होती हैं, तो आपको इनसे इसी तरह निपटना होगा इसलिए मैं इसके बारे में ज्यादा चिंता नहीं करता.’

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