भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने सोमवार को एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल किए. इसके साथ ही उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी बना दिया.
19 साल की शीतल ने अपने 72 निशानों में से 57 बार परफेक्ट 10 अंक हासिल किए. इनमें 32 निशाने टारगेट के सबसे अंदरूनी हिस्से यानी X जोन में लगे. उनकी सटीकता और निरंतरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पुराने एशियाई रिकॉर्ड को छह अंकों से पीछे छोड़ दिया.
पेरिस पैरालंपिक की कांस्य पदक विजेता शीतल ने इससे पहले मार्च में एशियाई रिकॉर्ड को 698 अंकों तक पहुंचाया था. अब उन्होंने नागोया में अपने ही रिकॉर्ड में और सुधार किया.
विश्व रिकॉर्ड भी 704 अंकों का है, जिसे तुर्किये की ओजनुर गिरदी ने 2024 पेरिस पैरालंपिक में बनाया था.
शीतल ने 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में 680 अंकों का रिकॉर्ड बनाया था. उस प्रतियोगिता में उन्होंने व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में दो गोल्ड मेडल, जबकि डबल्स में सिल्वर मेडल जीता था. मौजूदा एशियन गेम्स की चैंपियन शीतल ने अब क्वालिफिकेशन में अपने पुराने प्रदर्शन को काफी पीछे छोड़ दिया है.
पायल का शानदार डेब्यू, भारत को टीम स्पर्धा में फायदा
एशियन गेम्स में पदार्पण कर रहीं पायल ने भी महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में प्रभावित किया. ओडिशा की इस तीरंदाज ने 675 अंक हासिल किए और पांचवें स्थान पर रहीं. उनके प्रदर्शन से भारत की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में पदक की उम्मीदों को मजबूती मिली है.
चारों अंगों से दिव्यांग पायल ने इसी साल अप्रैल में बैंकॉक में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में शीतल देवी को हराकर गोल्ड मेडल जीता था. उस प्रदर्शन के बाद वह सुर्खियों में आई थीं.
शीतल और पायल के संयुक्त प्रदर्शन की बदौलत भारत ने महिलाओं की कंपाउंड टीम क्वालिफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया. भारतीय जोड़ी ने कुल 1,379 अंक जुटाए, जबकि चीन 1,338 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
क्वालिफिकेशन में शीर्ष पर रहने के कारण भारतीय टीम ने सीधे सेमीफाइनल में जगह बना ली है. सेमीफाइनल में भारत का सामना पांचवीं वरीयता प्राप्त थाईलैंड और चौथी वरीयता प्राप्त कजाकिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल की विजेता टीम से होगा. इस मुकाबले में जीत भारत को पदक की दौड़ में पहुंचा देगी.
शीतल के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले प्रदर्शन और पायल के दमदार डेब्यू ने भारतीय अभियान को मजबूती दी है. अब सभी की नजरें एलिमिनेशन राउंड पर होंगी, जहां भारतीय जोड़ी अपने शानदार क्वालिफिकेशन प्रदर्शन को पदक में बदलने उतरेगी.