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वैभव सूर्यवंशी से लेकर रोहित यादव तक... एशियन गेम्स में ये 5 डेब्यूटेंट्स मचाएंगे धमाल, मेडल की होगी बरसात

वैभव सूर्यवंशी, रोहित यादव, साक्षी चौधऱी जैसे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं. अब आइची-नागोया में चुनौती कहीं बड़ी होगी. अगर ये डेब्यूटेंट्स अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने में सफल रहे, तो भारत के मेडल अभियान में इनका योगदान बेहद अहम हो सकता है.

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एशियन गेम्स में युवा सितारों पर नजरें, वैभव सूर्यवंशी भी उड़ाएंगे गर्दा. (Photo: PTI)
एशियन गेम्स में युवा सितारों पर नजरें, वैभव सूर्यवंशी भी उड़ाएंगे गर्दा. (Photo: PTI)

आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के लिए मंच सज चुका है और अब बारी खिलाड़ियों के दम दिखाने की है. इस बार भारतीय फैन्स की नजरें सिर्फ अनुभवी सितारों पर नहीं होगी, बल्कि उन युवा खिलाड़ियों पर भी रहेंगी जो पहली बार एशियन गेम्स में उतरने जा रहे हैं. इनमें कुछ भारतीय खिलाड़ी पहले ही इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बना चुके हैं, जबकि कुछ के लिए यह खुद को बड़े मंच पर साबित करने का पहला मौका होगा.

इस बार एशियन गेम्स में 43 खेलों की 71 स्पर्धाएं होंगी, जिसमें कुल 469 मेडल दांव पर होंगे. 11 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों के इस महाकुंभ में हिस्सा लेने की उम्मीद है. ऐसे बड़े मंच पर भारत के कई युवा चेहरे अपनी शुरुआत करेंगे, लेकिन इनमें पांच खिलाड़ी ऐसे हैं जिनसे धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है.

वैभव सूर्यवंशी (क्रिकेट): महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो चुके हैं. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से तहलका मचाने के बाद अब उनकी नजरें एशियन गेम्स पर हैं. वैभव ने इंग्लैंड दौरे पर अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था, हालांकि वो डेब्यू सीरीज में कुछ खास नहीं कर पाए थे.

फिर जिम्बाब्वे टूर पर 151 रन बनाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा की एक बार फिर झलक दिखाई. अब वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026-27 में ईस्ट जोन के लिए उम्दा प्रदर्शन कर एशियन गेम्स के लिए सुखद संकेत दिए हैं. वैभव पहली बार एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. अगर टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत होती है, तो वैभव को अपने पहले ही एशियन गेम्स में इस हाईवोल्टेज मुकाबले का हिस्सा बनने का मौका मिल सकता है. इतनी कम उम्र में इतने बड़े मंच पर उतरना उनके करियर के लिए भी खास पड़ाव होगा.
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रोहित यादव (जैवलिन थ्रो): नीरज चोपड़ा के एशियन गेम्स से बाहर होने के बाद मेन्स जैवलिन थ्रो में भारत की उम्मीदें रोहित यादव पर टिक गई हैं. 25 वर्षीय रोहित इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने अपने प्रदर्शन से पदक की उम्मीद जगाई है. अगस्त में भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में रोहित ने 87.68 मीटर का थ्रो किया. यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. इस थ्रो के साथ वह भारत की ऑल-टाइम सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए थे. उन्होंने किशोर जेना (87.54 मीटर) को पीछे छोड़ दिया था. हालांकि बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन कैसा रहता है, यह अहम होगा. ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में वह 81.56 मीटर के थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे थे. लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए रोहित एशियन गेम्स में पदक के दावेदारों में शामिल हैं.

सुरुचि फोगाट (निशानेबाजी): शूटिंग में सुरुचि फोगाट से भारत को बड़ी उम्मीदें हैं. 20 साल की सुरुचि 10 मीटर एयर पिस्टल में अपनी शानदार निरंतरता के दम पर दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों में जगह बना चुकी हैं. पिछले करीब डेढ़ साल में उन्होंने लगातार चार वर्ल्ड कप और वर्ल्ड कप फाइनल में जीत दर्ज की है. उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में राष्ट्रीय रिकॉर्ड और जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया हुआ है. वह इस स्पर्धा में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान तक पहुंच चुकी हैं. एशियन गेम्स सुरुचि के करियर में एक बड़ा पड़ाव होगा, जहां उनसे पदक की उम्मीद की जा रही है.
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आयुष शेट्टी (बैडमिंटन): भारतीय मेन्स बैडमिंटन में तेजी से उभर रहे आयुष शेट्टी भी पहली बार एशियन गेम्स में उतरेंगे. कर्नाटक के इस खिलाड़ी की लंबाई 6 फीट 4 इंच है और वो अटैकिंग बैडमिंटन खेलने में भरोसा रखते हैं. 21 वर्षीय आयुष बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने में कामयाब रहे थे. आयुष का प्रदर्शन ऐतिहासिक था क्योंकि 61 साल बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में किसी भारतीय शटलर ने मेन्स सिंगल्स स्पर्धा का रजत पदक जीता. हाल ही में दिल्ली में हुई विश्व चैम्पियनशिप में भी उन्होंने बड़ा उलटफेर किया. आयुष ने अपने शुरुआती मुकाबले में चीन के शी यूकी को हराकर सनसनी मचा दी थी. हालांकि वह राउंड ऑफ-16 में इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से हार गए. इसके बावजूद उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि वह बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं.

साक्षी चौधरी (मुक्केबाजी): बॉक्सर साक्षी चौधरी का आत्मविश्वास इस समय चरम पर है. एशियन गेम्स से ठीक पहले उन्होंने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी दावेदारी मजबूत की है. साक्षी ने 51 किलोग्राम वर्ग में जगह बनाने के लिए अपना वजन कम किया. इसके बाद भारतीय टीम में जगह बनाने की चुनौती भी आसान नहीं थी. उन्हें दो बार की विश्व चैम्पियन निकहत जरीन और मीनाक्षी हुड्डा जैसी मजबूत मुक्केबाजों को हराकर एशियन गेम्स का टिकट हासिल करना पड़ा. अब कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद साक्षी अपने पहले एशियन गेम्स में उतरेंगी. ऐसे में उनके पास एक और मल्टी स्पोर्ट्स आयोजन में भारत के लिए पदक जीतने का मौका होगा.

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