नासा ने आज 2 अप्रैल 2026 को आर्टेमिस 2 मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग कर दी है. फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से भारतीय समयानुसार सुबह 3:54 बजे विशाल SLS रॉकेट ने आसमान में उड़ान भरी. यह 54 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाने वाला पहला मानव मिशन है. लॉन्च पूरी तरह सफल रहा और चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गए हैं. पूरी दुनिया इस लॉन्च को देख रही थी.
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मिशन में कौन जा रहे हैं?
Liftoff.
The Artemis II mission launched from @NASAKennedy at 6:35pm ET (2235 UTC), propelling four astronauts on a journey around the Moon.
Artemis II will pave the way for future Moon landings, as well as the next giant leap — astronauts on Mars. pic.twitter.com/ENQA4RTqAc— NASA (@NASA) April 1, 2026
इस मिशन में चार सदस्यीय क्रू शामिल है...
ये चारों अब ओरियन कैप्सूल में बैठकर चांद की ओर बढ़ रहे हैं.
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मिशन क्या करेगा?
आर्टेमिस 2 लैंडिंग मिशन नहीं है. यह 10 दिन का परीक्षण मिशन है. क्रू चांद के बहुत करीब लगभग 9600 तक जाएगा. वे चांद के चारों ओर घूमेंगे और फिर पृथ्वी पर वापस आएंगे. इस दौरान ओरियन कैप्सूल की गहरे अंतरिक्ष में काम करने की क्षमता, जीवन रक्षा प्रणाली, नेविगेशन, कम्युनिकेशन और हीट शील्ड की पूरी जांच की जाएगी. वापसी के समय ओरियन 40 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की तेज स्पीड से पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होगा.
यह लॉन्च क्यों महत्वपूर्ण है?
यह लॉन्च इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि अपोलो 17 के बाद पहली बार इंसान चांद के इतने करीब जा रहे हैं. यह मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम की असली शुरुआत है. इसकी सफलता के बाद नासा आर्टेमिस 3 में चांद पर इंसानों को उतारेगा और आगे चलकर चांद पर स्थायी बेस बनाने की तैयारी करेगा. यह मिशन भविष्य में मंगल ग्रह पर जाने वाले मिशनों की भी नींव रखेगा. साथ ही यह युवा पीढ़ी को अंतरिक्ष विज्ञान की ओर आकर्षित करेगा.
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लॉन्च के बाद क्या होगा?
अब क्रू कई दिनों तक चांद की ओर बढ़ता रहेगा. वे चांद के पीछे वाले हिस्से से भी गुजरेंगे जहां पृथ्वी से रेडियो संपर्क कुछ समय के लिए टूट जाएगा. इस दौरान कई वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे. लगभग 10 दिन बाद ओरियन कैप्सूल प्रशांत महासागर में पैराशूट की मदद से उतरेगा.
नासा की आर्टेमिस 2 मिशन की सफल लॉन्चिंग अंतरिक्ष इतिहास का एक बड़ा पल है. 54 साल बाद इंसान फिर चांद की यात्रा पर निकले हैं. यह मिशन न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी मानवता के लिए नई उम्मीद और नई संभावनाएं लेकर आया है.