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जल रही है आधी दुनिया... ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अर्जेंटीना में जंगली आग, जनवरी-फरवरी में 50 डिग्री तापमान

ऑस्ट्रेलिया में 50°C तक तापमान, अर्जेंटीना के पैटागोनिया और चिली में आग से 21 मौतें. दक्षिण अफ्रीका में सालों की सबसे खराब आग लगी पड़ी है. आधी दुनिया जल रही है. ला नीना के बावजूद जलवायु परिवर्तन हावी है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अल नीनो से 2026 सबसे गर्म साल बन सकता है.

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अर्जेंटीना के पैटागोनिया के जंगलों में लगी आग को देखता सिविल प्रोटेक्शन टीम का सदस्य. (Photo: Reuters)
अर्जेंटीना के पैटागोनिया के जंगलों में लगी आग को देखता सिविल प्रोटेक्शन टीम का सदस्य. (Photo: Reuters)

साल 2026 की शुरुआत ही आधी धरती यानी दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere) के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और भयानक जंगल की आग से हो रही है. अर्जेंटीना, चिली, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में तापमान आसमान छू रहा है. आग ने बड़े इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों की वजह से हुए क्लाइमेट चेंज प्राकृतिक उतार-चढ़ाव को पूरी तरह दबा रहा है. आगे और भी खतरनाक गर्मी आ सकती है. मौसम बदल रहे हैं.  

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कहां-कहां हो रही है तबाही?

  • ऑस्ट्रेलिया: जनवरी-फरवरी में एक विशाल हीट डोम ने पूरे देश को घेर लिया. कई जगहों पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस (122°F) के करीब पहुंच गया. यह अब तक की सबसे गर्म जनवरी में से एक थी.
  • दक्षिण अमेरिका: अर्जेंटीना के पैटागोनिया क्षेत्र में दूरदराज के जंगलों में आग लगी, जिसमें लॉस एलेर्सेस नेशनल पार्क (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) भी शामिल है. यहां 3000 साल से पुराने पेड़ हैं. चिली के तटीय इलाकों में आग से 21 लोगों की मौत हो गई.
  • दक्षिण अफ्रीका: कई सालों में सबसे भयानक जंगल की आग चल रही है. सूखा और गर्मी ने स्थिति को और भयावह बना दिया है.

Half the world is burning

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ला नीना के बावजूद इतनी गर्मी क्यों?

प्रशांत महासागर में ठंडे पानी की वजह से दुनिया अभी कमजोर ला नीना के प्रभाव में है, जो सामान्यतः ठंडक लाती है.  ला नीना दिसंबर 2024 में शुरू हुई थी. फिर भी रिकॉर्ड गर्मी पड़ रही है. 

इंपीरियल कॉलेज लंदन के जलवायु वैज्ञानिक थियोडोर कीपिंग कहते हैं कि इंसानों द्वारा पैदा किए गए जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक बदलावों को पूरी तरह दबा रहा है. अगर 2026 में न्यूट्रल स्थिति या अल नीनो (गर्म प्रभाव) आया, तो और ज्यादा खतरनाक गर्मी की घटनाएं होंगी. अल नीनो वैश्विक तापमान को और बढ़ाता है.

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2026 कितना गर्म होगा?

ब्रिटेन के मौसम सेवा के प्रमुख एडम स्केफ के अनुसार...

2026 का वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से लगभग 1.46°C ज्यादा होगा. यह लगातार चौथा साल होगा जब तापमान 1.4°C से ऊपर रहेगा. अगर बड़ा अल नीनो जल्दी आया, तो 2026 सबसे गर्म साल बन सकता है. 

पेरिस समझौता (2015) का लक्ष्य था कि ग्लोबल वार्मिंग 1.5°C से नीचे रहे. हम उस सीमा के बहुत करीब पहुंच चुके हैं. विश्व मौसम संगठन ने कहा कि पिछले तीन साल रिकॉर्ड में सबसे गर्म थे.

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जंगल की आग क्यों हो रही हैं इतनी भयानक?

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ज्यादातर आग इंसानी गतिविधियों (जैसे सिगरेट, कैंपफायर) से शुरू होती हैं,लेकिन गर्मी, सूखा और तेज हवा उन्हें अनियंत्रित बना देती हैं. कई इकोसिस्टम इतनी गर्म और सूखी स्थितियों के लिए तैयार नहीं हैं. आग पहले से ज्यादा बड़ी और विनाशकारी हो रही है, जिससे स्थायी नुकसान हो रहा है. अर्जेंटीना के लॉस एलेर्सेस पार्क इसका उदाहरण है – हजारों साल पुराने पेड़ जलकर राख हो रहे हैं.

आगे क्या?

वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी. गर्मी और आग न सिर्फ जान-माल का नुकसान कर रही हैं, बल्कि जैव विविधता और प्राचीन इकोसिस्टम को भी खतरे में डाल रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना ही एकमात्र स्थायी समाधान है.

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