भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन मिनवाला ने कहा है कि पाकिस्तान ने हाल ही में चार सैटेलाइट छोड़े हैं, लेकिन भारत उनसे काफी आगे है. हम अंतरिक्ष क्षेत्र में बहुत आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं. रक्षा क्षेत्र में अंतरिक्ष की अहमियत को समझते हुए भारत ने 2019 में ही डिफेंस स्पेस एजेंसी (DSA) का गठन कर लिया था. अब हम तेजी से कई सैटेलाइट लॉन्च करने की दिशा में काम कर रहे हैं.
लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन मिनवाला ने बताया कि डिफेंस स्पेस एजेंसी अब कुछ कॉन्स्टेलेशन को नियंत्रित करेगी. हम इसरो के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने जोर दिया कि इस क्षेत्र में निजी उद्योग को भी जोड़ना बहुत जरूरी है. प्राइवेट इंडस्ट्री और डिफेंस स्पेस एजेंसी के संयुक्त प्रयास से हम और तेजी से आगे बढ़ेंगे.
यह भी पढ़ें: टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर आई थी मेगा सुनामी, 1580 फीट ऊंची लहर ने साफ किया जंगल
3 मई को ओप्टोसार (OptoSar) उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया. यह लॉन्च रक्षा और निजी क्षेत्र के सहयोग का अच्छा उदाहरण है. अधिकारी ने कहा कि 2047 के विजन के तहत डिफेंस स्पेस एजेंसी को स्पेस कमांड में बदल दिया जाएगा. तब तक हमारी अंतरिक्ष क्षमता और मजबूत हो जाएगी.

पाकिस्तान से आगे रहने का संकल्प
पाकिस्तान के हालिया सैटेलाइट लॉन्च का जिक्र करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मिनवाला ने साफ कहा कि हम चिंतित नहीं हैं क्योंकि भारत पहले से ही काफी आगे है. हम आक्रामक रणनीति के साथ काम कर रहे हैं. डिफेंस स्पेस एजेंसी, इसरो और निजी कंपनियों के मिले-जुले प्रयास भारत को अंतरिक्ष में मजबूत स्थिति दिलाएंगे. यह क्षमता न सिर्फ संचार और निगरानी के लिए बल्कि भविष्य के युद्धों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
यह भी पढ़ें: 'भारत ने 13 पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट और 11 बेस किए तबाह...', ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेनाओं ने किया नया खुलासा
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान PAK का फोन
इसी कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच DGMO स्तर की बातचीत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के DGMO ने खुद उन्हें फोन किया था और कार्रवाई रोकने की अपील की थी.

लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि दुनिया को यह बताने के लिए कोई सबूत चाहिए. पाकिस्तान DGMO ने मुझे फोन किया था. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने खुद भारत से ऑपरेशन रोकने की गुहार लगाई थी. यह बात साफ दिखाती है कि ऑपरेशन सिंदूर कितना प्रभावी और निर्णायक था.
भारत अब रक्षा क्षेत्र में अंतरिक्ष को बहुत गंभीरता से ले रहा है. 2019 में बनी डिफेंस स्पेस एजेंसी तेजी से विकसित हो रही है. ओप्टोसार जैसे उपग्रह लॉन्च और निजी क्षेत्र की भागीदारी से भविष्य में भारत अंतरिक्ष में भी आत्मनिर्भर बनेगा.
यह भी पढ़ें: अग्नि-6 सुपर मिसाइल तैयार, भारत दुनिया को दिखाने जा रहा ताकत
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाई गई दृढ़ता और पाकिस्तान की अपील दोनों ही भारत की बढ़ती सैन्य ताकत को दर्शाते हैं. 2047 तक पूर्ण स्पेस कमांड बनने के साथ भारतीय सेना आधुनिक युद्ध की हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हो जाएगी.