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China का अनियंत्रित रॉकेट हिंद महासागर में गिरा, तीन साल में तीसरी बार ऐसी घटना

चीन का एक रॉकेट जो अंतरिक्ष से धरती की ओर अनियंत्रित होकर आ रहा था, वह शनिवार की रात मलेशिया के पास हिंद महासागर में गिर गया. समुद्र में गिरने से पहले उसने आसमान में आतिशबाजी की. चीन का अपने रॉकेटों पर नियंत्रण नहीं रहता. तीन साल में तीसरी बार उसका रॉकेट धरती से टकराया है.

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मलेशिया का कुचिंग सिटी के ऊपर चीन का रॉकेट फट पड़ा. जलते हुए हिंद महासागर में गिरा. (वीडियोग्रैबः ट्विटर/नाजरी सुलेमान) मलेशिया का कुचिंग सिटी के ऊपर चीन का रॉकेट फट पड़ा. जलते हुए हिंद महासागर में गिरा. (वीडियोग्रैबः ट्विटर/नाजरी सुलेमान)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • NASA वैज्ञानिक ने जताई ने हादसे की आशंका
  • फिर अपने रॉकेट को कंट्रोल नहीं कर पाया चीन

करीब एक हफ्ते पहले नासा के अंतरिक्ष विज्ञानी ने आशंका जताई थी कि चीन का एक रॉकेट एक हफ्ते के अंदर धरती से टकराएगा. उनकी आशंका और गणना सही साबित हुई. चीन का रॉकेट शनिवार रात मलेशिया के पास हिंद महासागर में गिरा. उससे पहले उसने आसमान में आतिशबाजी की. जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. मलेशिया के कुचिंग सिटी से इसकी कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डाले गए हैं. 

चीन का रॉकेट जब वायुमंडल में आया तब इस तरह का नजारा दिखा आसमान में. (फोटोः ट्विटर/नाजरी सुलेमान)
चीन का रॉकेट जब वायुमंडल में आया तब इस तरह का नजारा दिखा आसमान में. (फोटोः ट्विटर/नाजरी सुलेमान)

पिछले हफ्ते NASA के अंतरिक्ष विज्ञानी जोनाथन मैक्डॉवेल ने गणना करके आशंका जताई है कि चीन ने 24 जुलाई 2022 को जो लॉन्ग मार्च रॉकेट (Long March 5B Rocket) अंतरिक्ष में छोड़ा था, वह इस हफ्ते धरती पर कहीं गिरेगा. इस रॉकेट ने चीन के स्पेस स्टेशन का एक हिस्सा अंतरिक्ष में पहुंचाया था. लेकिन पिछली बार की घटनाओं की तरह इस बार भी चीन का अपने रॉकेट से नियंत्रण हट गया था.    

तीन साल में यह तीसरी बार हुआ है जब चीन का रॉकेट अंतरिक्ष में जाता तो नियंत्रित तरीके से है, लेकिन लौटता आउट ऑफ कंट्रोल है. चीन कहता है कि वह उसे नियंत्रित करके पानी में गिराने का प्रयास कर रहा है लेकिन आखिरी समय में उसकी हालत खराब हो जाती है. साल 2021 के मई महीने में भी इसी सीरीज का रॉकेट मालदीव्स के पास समुद्र में गिरा था. उससे पहले 2020 में चीन का रॉकेट पश्चिमी अफ्रीका और अटलांटिक महासागर में गिरा था. 

24 जुलाई 2022 को चीन ने अपने स्पेस स्टेशन का हिस्सा पहुंचाने के लिए छोड़ा लॉन्ग मार्च रॉकेट. (फोटोः AFP)
24 जुलाई 2022 को चीन ने अपने स्पेस स्टेशन का हिस्सा पहुंचाने के लिए छोड़ा लॉन्ग मार्च रॉकेट. (फोटोः AFP)

स्पेसएक्स (SpaceX) जैसी कंपनियां दोबारा उपयोग करने वाले रॉकेट का उपयोग कर रही हैं. लेकिन चीन जैसा ताकतवर देश अपने रॉकेटों से हर साल दुनिया के अन्य देशों के लिए खतरा पैदा कर रहा है. लॉन्ग मार्च रॉकेट (Long March 5B Rocket) चीन का मुख्य रॉकेट है. चीन पिछले तीन साल से पूरी दुनिया को डरा रहा है. 

पिछले साल मई में चीन के लॉन्ग मार्च 5बी वाई2 (Long March 5B Y2 Rocket) रॉकेट ने धरती में अनियंत्रित एंट्री मारी थी. तब वह धरती के चारों तरफ लो-अर्थ ऑर्बिट में चक्कर लगा रहा है. यानी यह धरती के ऊपर 170 किलोमीटर से 372 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच. उसकी गति 25,490 किलोमीटर प्रति घंटा है यानी 7.20 किलोमीटर प्रति सेकेंड. आशंका है कि इस समय जिस रॉकेट की बात हो रही है, वह भी इसी गति से धरती के अंदर प्रवेश करे. 

असल में चीन अपना स्पेस स्टेशन बना रहा है. उसके लिए पिछले कुछ सालों से वह रॉकेट के जरिए स्पेस स्टेशन के हिस्से अंतरिक्ष में पहुंचा रहा है. हिस्सों को अंतरिक्ष में पहुंचाने के बाद रॉकेट को नियंत्रित तरीके से धरती की ओर लौटना चाहिए. लेकिन चीन हर बार अपने लौटने वाले रॉकेटों नियंत्रण खो देता है. जिससे आमजनों को खतरा पैदा हो जाता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार चीन की इस हरकत का विरोध हुआ है लेकिन चीन लाखों प्रयास के बाद भी लौटने वाले रॉकेट को नियंत्रित कर नहीं पाता. 

वैसे तो धरती के वायुमंडल में आते ही रॉकेट का अधिकतर हिस्सा जलकर खाक हो जाता है. लेकिन छोटा-मोटा हिस्सा भी आबादी वाले इलाके में गिरा तो तबाही मचा देगा. लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट के कोर का वजन करीब 19.6 टन यानी 17,800 किलोग्राम है. इससे पहले 1991 में 43 टन का सोवियत स्पेस स्टेशन का सल्यूट-7 (Salyut-7) धरती पर अनियंत्रित तरीके से गिरा था. इसने अर्जेंटीना में तबाही मचाई थी. 

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