वियतनाम के जंगलों में मिलने वाला रेड-शैंक्ड डूक (Pygathrix nemaeus) अपने अलग रंग और शांत चेहरे की वजह से बाकी बंदरों से अलग दिखता है. इसके पैर लाल होते हैं, शरीर ग्रे रंग का होता है और चेहरे के आसपास सफेद बाल होते हैं. इसी शांत चेहरे की वजह से इसे 'जेन मंकी' भी कहा जाता है. लेकिन यह बंदर अब गंभीर खतरे में है. आईयूसीएन की रेड लिस्ट में इसे क्रिटिकली एंडेंजर्ड कैटेगरी में रखा गया है. Photo: Getty
रेड-शैंक्ड डूक सिर्फ वियतनाम में नहीं मिलता. यह लाओस और कंबोडिया के कुछ हिस्सों में भी पाया जाता है. वियतनाम में यह खास तौर पर सेंट्रल और नॉर्थ सेंट्रल इलाकों के जंगलों में रहता है. यह ज्यादातर समय पेड़ों पर रहता है. इसकी दुनिया में कुल कितनी संख्या बची है, इसका पक्का आंकड़ा नहीं है. Photo: Getty
एक पुराने कंजर्वेशन असेसमेंट में फोंग न्हा-के बांग नेशनल पार्क में करीब 2,000 और सोन ट्रा नेचर रिजर्व में करीब 600 से 700 रेड-शैंक्ड डूक होने का अनुमान लगाया गया था. ये पुराने आंकड़े हैं, इसलिए इन्हें आज की संख्या नहीं माना जा सकता. Photo: Getty
रेड-शैंक्ड डूक को उसके रंगों से आसानी से पहचाना जा सकता है. इसका शरीर ज्यादातर ग्रे होता है और इसके पैर लाल-नारंगी रंग के होते हैं. चेहरे के आसपास और पूंछ पर सफेद बाल भी दिखाई देते हैं. यह दिन में एक्टिव रहता है और पेड़ों पर ही खाना ढूंढता है. इसकी डाइट में सबसे ज्यादा पत्तियां होती हैं. Photo: Getty
इसके अलावा यह फल, फूल और पेड़ों की नई कोंपलें भी खाता है. यह आम तौर पर छोटे ग्रुप में रहता है. एक ग्रुप में एक नर और कई मादाएं हो सकती हैं. इस बंदर के लिए सबसे बड़ा खतरा शिकार है. वियतनाम की प्राइमेट कंजर्वेशन एक्शन प्लान के मुताबिक, इसका शिकार लोकल इस्तेमाल और ट्रेडिशनल मेडिसिन के लिए किया जाता है. कुछ जगहों पर इसे पेट और जू ट्रेड के लिए भी पकड़ा जाता है. Photo: Getty
जंगलों का कम होना भी इसकी संख्या पर असर डाल रहा है. खेती, सड़क और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के लिए जंगलों में बदलाव किया जा रहा है. इससे इसका हैबिटैट छोटा हो रहा है और कई जगह जंगल अलग-अलग हिस्सों में बंट रहे हैं. Photo: Getty
वियतनाम में रेड-शैंक्ड डूक को कानूनी सुरक्षा मिली हुई है. इसे प्रोटेक्टेड स्पीशीज की लिस्ट में रखा गया है. इसके कंजर्वेशन के लिए जंगलों में इनकी संख्या और इनके रहने की जगहों की मॉनिटरिंग की जाती है. Photo: Getty
कंजर्वेशन प्लान में ऐसे इलाकों में भी सर्वे बढ़ाने की बात कही गई है, जहां अभी इन बंदरों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. इसका मकसद इनकी सही संख्या और इनके रहने वाले इलाकों के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाना है. Photo: Getty
रेड-शैंक्ड डूक सिर्फ अपने रंगों की वजह से खास नहीं है. यह साउथ ईस्ट एशिया के जंगलों में मिलने वाली एक दुर्लभ प्राइमेट स्पीशीज है. शिकार और जंगलों की कमी ने इसे खतरे में डाल दिया है. इसके जंगल और हैबिटैट बचाना इस प्रजाति को बचाने के लिए सबसे जरूरी कदमों में से एक है. Photo: Getty