Vastu Tips For Roti: वास्तु शास्त्र और भोजन से जुड़े नियमों में दिशा, ऊर्जा और संतुलन को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है. वास्तु के नजरिए से भोजन केवल शरीर को चलाने का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का मुख्य स्रोत है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही 3 नंबर सनातन धर्म में शुभ और पवित्र माना जाता है. क्योंकि 3 अंक यानी त्रिदेव. त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश), त्रिलोक (आकाश, पाताल, धरती), और तीन गुण (सत्व, रज, तम)- पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों में हर जगह इस संख्या का विशेष महत्व है. लेकिन जब बात खाने की आती है, तो भोजन की थाली में एक साथ तीन रोटियां परोसना अशुभ माना जाता है. आखिर ऐसा क्यों है और वास्तु शास्त्र में 3 रोटी परोसने का क्या नियम है. चलिए जानते हैं.
वास्तु शास्त्र में 3 नबंर है अशुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके तीसरे संस्कार (तिराही या त्रयोदशी से पहले की रस्मों) के दौरान मृतक की आत्मा की शांति के लिए जो भोग निकाला जाता है, उसमें तीन रोटियां या पिंड रखे जाते हैं.
- थाली में तीन रोटियां रखना मृतक के भोजन का प्रतीक माना जाता है.
- ऐसी मान्यता है कि यदि किसी जीवित व्यक्ति की थाली में एक साथ तीन रोटियां परोसी जाएं, तो उसमें नकारात्मक ऊर्जा या अजय भाव आ सकता है.
बरकत में कमी (Lack of Prosperity)
भोजन की थाली को मां अन्नपूर्णा और देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है. वास्तु के नियमों के मुताबिक, भोजन को हमेशा सम्मान और सही तरीके से परोसा जाना चाहिए. एक साथ 3 रोटियां परोसने को अधूरपन या असंयम का प्रतीक माना जाता है. इससे घर की सुख-समृद्धि और बरकत में रुकावट आती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है.
ऊर्जा का असंतुलन (Imbalance of Energy)
वास्तु शास्त्र के अनुसार, संख्या 3 अग्नि तत्व से जुड़ी होती है. जब आप थाली में एक साथ तीन रोटियां रखते हैं, तो यह भोजन की ऊर्जा में एक तरह का असंतुलन पैदा करता है. तीन नंबर यानी थाली में अग्नि तत्व को अचानक बढ़ा देती है.
ऐसा माना जाता है कि इस तरह का भोजन करने वाले व्यक्ति के स्वभाव में गुस्सा, चिड़चिड़ापन और मानसिक अशांति बढ़ सकती है. यह घर के सदस्यों के बीच आपसी कलह का कारण भी बन सकता है.
भोजन से जुड़े अन्य वास्तु नियम
दिशा का ध्यान: भोजन हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके ही करना चाहिए. इससे शरीर को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.
थाली को कभी खाली न छोड़ें: भोजन खत्म होने के बाद थाली में कभी हाथ नहीं धोने चाहिए और न ही जूठी थाली को बहुत देर तक डाइनिंग टेबल या बैठने की जगह पर छोड़ना चाहिए. इससे राहु का दोष बढ़ता है.
संख्या का संतुलन: अगर किसी को तीन रोटियां देनी ही हैं, तो हमेशा पहले दो परोसें, और बाद में तीसरी रोटी अलग से लाकर थाली में रखें.