Yogini Ekadashi 2026: आज योगिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी मनाई जाती है. योगिनी एकादशी सनातन धर्म में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली एकादशी तिथियों में से एक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है. शास्त्रों में वर्णित है कि इस पवित्र व्रत को निष्ठापूर्वक रखने से हजारों जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने जितना पुण्य प्राप्त होता है. यह व्रत न केवल शारीरिक शुद्धि करता है, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति भी प्रदान करता है.
योगिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त (Yogini Ekadashi 2026 Shubh Muhurat)
द्रिक पंचांग के अनुसार, एकादशी की तिथि 10 जुलाई यानी आज सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 11 जुलाई की सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर होगा.
योगिनी एकादशी व्रत पारण का समय (Yogini Ekadashi 2026 Paran Timing)
इस व्रत का पारण 11 जुलाई 2026 को दोपहर 01:50 बजे से शाम 04:36 बजे के बीच होगा.
योगिनी एकादशी पूजन मुहूर्त
योगिनी एकादशी पर आज सुबह पूजन का पहला मुहूर्त सुबह 4 बजकर 54 मिनट से लेकर 5 बजकर 26 मिनट तक रहेगा.
दूसरा अभिजित मुहूर्त रहेगा, जो कि दोपहर 1 बजकर 24 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 28 मिनट तक रहेगा.
योगिनी एकादशी पर बनने वाले शुभ योग (Yogini Ekadashi 2026 Shubh Yog)
लक्ष्मी-नारायण योग
इस बार एकादशी शुक्रवार के दिन पड़ रही है. शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है और एकादशी भगवान विष्णु को. ऐसे में दोनों की संयुक्त पूजा से जीवन में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है.
शिववास योग व सुकर्मा योग
इस दिन शिववास और सुकर्मा जैसे शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो किसी भी धार्मिक अनुष्ठान और मंत्र साधना के फल को कई गुना बढ़ा देते हैं.
योगिनी एकादशी पूजन विधि (Yogini Ekadashi 2026 Pujan Vidhi)
इस दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि के बाद सबसे पहले सूर्य भगवान को तांबे के पात्र से अर्घ्य दें. इसके बाद घर के मंदिर में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर को एक स्वच्छ आसन पर स्थापित करें. फिर, भगवान के समक्ष शुद्ध घी का दीपक और धूप जलाएं. इसके बाद भगवान विष्णु को उनकी प्रिय पीले रंग के फूल और माता लक्ष्मी को लाल रंग के फूल अर्पित करें. पूजा के इस चरण में एकादशी व्रत की पौराणिक कथा पूरी श्रद्धा से सुनें या स्वयं पढ़ें.
मंत्र जाप
पूजा के दौरान या बाद में शांत मन से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है.
- ऊं नमो भगवते वासुदेवाय
- लक्ष्मी नारायणाय नमः