शनि देव 3 जून 2027 को मेष राशि में गोचर करने वाले हैं. मेष राशि में शनि के नीच के माने जाते हैं और यह शनि की शत्रु राशि भी है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि का यह राशि परिवर्तन मेष, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है. इन तीनों राशियों के जातकों को नौकरी, कारोबार, पारिवारिक जीवन और आर्थिक मामलों में सतर्क रहना होगा. जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान की वजह बन सकते हैं. आइए जानते हैं.
मेष राशि (Aries)
शनि का गोचर मेष राशि में ही होने जा रहा है. मेष शनि की नीच राशि है. इस गोचर के साथ मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का पहला और मुख्य चरण शुरू होगा. इस दौरान मानसिक तनाव बढ़ सकता है. नौकरी और निजी जीवन में भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
आर्थिक मामलों में खास सावधानी रखनी होगी. जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान करा सकते हैं. कारोबार से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें. नौकरीपेशा लोगों का अधिकारियों के साथ मतभेद हो सकता है, जिसका असर कामकाज पर पड़ने की आशंका है. यह समय धैर्य की परीक्षा ले सकता है. किसी भी परेशानी का हल शांत रहकर निकालने की कोशिश करें.
कन्या राशि (Virgo)
शनि के मेष राशि में प्रवेश करने के साथ कन्या राशि के जातकों पर अष्टम ढैय्या शुरू हो जाएगी. ज्योतिष में अष्टम शनि को चुनौतीपूर्ण माना जाता है. इस अवधि में आर्थिक मोर्चे पर परेशानियां बढ़ने की आशंका है. अचानक खर्च सामने आ सकते हैं और पैसों का प्रबंधन मुश्किल हो सकता है.
इस दौरान अज्ञात भय और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं. पहले से तय कामों में रुकावट आने की आशंका रहेगी. इसलिए पैसों के लेनदेन में विशेष सावधानी बरतें. किसी भी आर्थिक फैसले से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करना बेहतर रहेगा.
मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के जातकों के चतुर्थ भाव में शनि का गोचर होगा. इसके साथ ही इस राशि पर कंटक ढैय्या शुरू हो जाएगी. 3 जून 2027 के बाद कामकाज का बोझ बढ़ सकता है. मेहनत के मुताबिक परिणाम नहीं मिलने से मन परेशान रह सकता है.
पारिवारिक जीवन में तनाव और मतभेद की स्थिति बन सकती है. संपत्ति या वाहन से जुड़े सौदों में नुकसान होने की आशंका जताई गई है. इस दौरान फिजूलखर्ची भी बढ़ सकती है. इसलिए किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें. आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा.
उपाय
शनि से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं. नियमित रूप से हनुमानजी की पूजा करें. हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें. शनिवार की शाम 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें. शनिवार को काले तिल, सरसों का तेल, काली उड़द की दाल और काले कपड़े का दान करें. क्रोध पर नियंत्रण रखें और हर परिस्थिति में धैर्य से काम लें.