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Vastu Dosh Upay: इस दिशा का दोष छीन सकता है घर की खुशियां, जानें कारण और उपाय

Vastu Niyam: पूरब-उत्तर-पूरब दिशा को वास्तु में ईशान कोण कहा जाता है. यह दिशा घर की सकारात्मक ऊर्जा, खुशियों, सौहार्द, और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है.

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Vastu Dosh Upay: अगर आपके घर में लंबे समय से खुशियों की कमी महसूस हो रही है, बात-बात पर तनाव या झगड़े होने लगे हैं. किसी भी शुभ काम की चर्चा होते ही माहौल बिगड़ जाता है, तो इसके पीछे वास्तुदोष एक बड़ी वजह हो सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की पूरब-उत्तर-पूरब दिशा (ईशान कोण और पूरब के बीच) बेहद संवेदनशील मानी जाती है. इस दिशा में मौजूद दोष घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करते हैं . इससे पारिवारिक जीवन में नकारात्मकता भी बढ़ती है.

क्यों खास है पूरब-उत्तर-पूरब दिशा

वास्तु शास्त्र में पूरब-उत्तर-पूरब दिशा को ऊर्जा और मानसिक संतुलन से जोड़ा जाता है. यदि यह दिशा साफ, संतुलित और हल्की ऊर्जा से भरी हो, तो घर में सुख-शांति, आपसी समझ और सकारात्मक माहौल बना रहता है.  वहीं, इस दिशा में दोष होने पर जीवन में नीरसता, चिड़चिड़ापन और आपसी मतभेद बढ़ने लगते हैं. 

क्या होते हैं इस दिशा के प्रमुख वास्तुदोष

वास्तु के अनुसार, यदि पूरब-उत्तर-पूरब दिशा में टॉयलेट बना हो, तो घर में रहने वाले लोगों के बीच सामंजस्य की कमी हो जाती है. परिवार के सदस्य एक-दूसरे की बातों से सहमत नहीं होते,  एक ही घर में रहते हुए भी अजनबियों जैसा व्यवहार करने लगते हैं. यदि इस दिशा में रसोई हो, तो घर की खुशियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. ऐसे घरों में लोग रिश्तों की बजाय पैसों को अधिक महत्व देने लगते हैं.  घूमने-फिरने या खर्च करने के बाद भी वह संतुष्टि और खुशी नहीं मिलती, जो परिवार के साथ समय बिताने से मिलनी चाहिए. इसके अलावा, इस दिशा में लाल या ग्रे रंग का अधिक उपयोग भी वास्तुदोष माना जाता है. वहीं, जरूरत से ज्यादा पीले रंग का प्रयोग पारिवारिक रिश्तों में ठहराव और भावनात्मक दूरी पैदा कर सकता है.

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वास्तुदोष दूर करने के आसान उपाय

घर में खुशियां और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए इस दिशा में कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. पूरब-उत्तर-पूरब दिशा में टॉयलेट और रसोई होने से बचें. इस दिशा में ग्रे और लाल रंग का प्रयोग न करें. हल्का हरा रंग इस दिशा के लिए सबसे शुभ माना जाता है. इसके अलावा हल्का नीला और ऑफ-व्हाइट रंग का उपयोग भी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है. इस दिशा में स्टोरेज बनाने से भी बचना चाहिए.  यदि स्टोरेज पहले से मौजूद है, तो उसे साफ-सुथरा और रोशनी से भरपूर रखें. अंधेरा और गंदगी इस स्थान की ऊर्जा को दूषित करती है, जिससे वास्तुदोष और बढ़ सकता है. 

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