25 जून यानी कल साल की सबसे बड़ी एकादशी 'निर्जला एकादशी' है. मान्यता है कि इस एकादशी पर व्रत-पूजा से साल की सभी 24 एकादशियों के समान फल मिल जाता है. इस साल निर्जला एकादशी को दो शुभ राजयोग और भी ज्यादा महत्वपूर्ण बना रहे हैं. दरअसल, निर्जला एकादशी नवपंचम राजयोग और लक्ष्मी नारायण राजयोग में मनाई जाएगी. जब दो ग्रह लगभग 120 डिग्री की दूरी पर स्थित होते हैं, तब नवपंचम राजयोग बनता है. निर्जला एकादशी पर यह योग शुक्र और शनि बना रहे हैं. वहीं, बुध और शुक्र की कर्क राशि में युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होगा.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं, इसलिए इस राशि पर दोनों शुभ योगों का प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है. नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के साथ कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिल सकती है. कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है. लंबे समय से अटका हुआ धन मिलने के भी संकेत हैं.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ दिलाने वाला माना जा रहा है. नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना बन सकती है. व्यापार से जुड़े लोगों को किसी बड़े सौदे या लाभ का अवसर मिल सकता है. आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हो सकती है. यदि आप सेहत से जुड़ी कोई समस्या महसूस कर रहे थे तो उसमें भी राहत मिलने वाली है.
कन्या राशि
कन्या राशि के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन रही है. रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है. आमदनी बढ़ने के साथ परिवार में सुखद वातावरण बना रह सकता है. आपकी आय के साधन एक से अधिक भी हो सकते हैं.
कुंभ राशि
शनि के प्रभाव वाली कुंभ राशि के लिए भी यह संयोग शुभ माना जा रहा है. आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना है. घर, जमीन या संपत्ति खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के साथ जीवन में स्थिरता और संतोष का अनुभव हो सकता है.