मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी CSMT पर मंगलवार देर रात एक अनोखी घटना सामने आई. एक रेलवे इंजन के भीतर अजगर प्रजाति का छोटा बच्चा मिलने से रेलकर्मियों के बीच हलचल मच गई. इंजन की जांच के दौरान जब कर्मचारियों की नजर इस नन्हे मेहमान पर पड़ी तो तुरंत इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों और सर्प विशेषज्ञों को दी गई. मामले की सूचना मिलते ही महाराष्ट्र राज्य के मानद पशु कल्याण अधिकारी अभिषेक अशोक ठावरे को बुलाया गया. सूचना मिलने के बाद वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. रेलवे कर्मचारियों की मदद से सभी जरूरी सावधानियां बरती गईं ताकि किसी तरह का खतरा न हो और अजगर के बच्चे को भी सुरक्षित निकाला जा सके.
काफी सावधानी के साथ चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान रात करीब 1:40 बजे अजगर के बच्चे को सुरक्षित पकड़ लिया गया. रेस्क्यू के दौरान न तो किसी कर्मचारी को नुकसान पहुंचा और न ही रेलवे संचालन पर कोई असर पड़ा. समय रहते की गई कार्रवाई की वजह से रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं. रेस्क्यू के बाद अजगर के बच्चे को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया. वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पाया जाने वाला इंडियन रॉक पाइथन यानी अजगर एक गैर-विषैला सांप है. यह भारतीय वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजाति है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
ट्रेन के इंजन में मिला जंगल का मेहमान
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय अजगरों के प्रजनन के बाद अंडों से बच्चों के निकलने का मौसम है. यही वजह है कि इन दिनों छोटे अजगरों की गतिविधियां सामान्य से अधिक देखने को मिल रही हैं. मानसून के दौरान कई बार ऐसे वन्यजीव सुरक्षित और सूखे स्थानों की तलाश में मानव बस्तियों, भवनों या अन्य संरक्षित जगहों तक पहुंच जाते हैं. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह अजगर का बच्चा भी बारिश से बचने या आश्रय की तलाश में किसी समय रेलवे इंजन के भीतर घुस गया होगा. बाद में वही इंजन उसे मुंबई के व्यस्त रेलवे स्टेशन CSMT तक ले आया.
अभिषेक अशोक ठावरे ने बताया कि बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं असामान्य नहीं हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं सांप दिखाई दे तो घबराने की जरूरत नहीं है. साथ ही किसी भी शख्स को खुद सांप पकड़ने या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित सर्पमित्रों को सूचना देनी चाहिए ताकि वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सकें.
सर्प विशेषज्ञों ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
इस पूरे घटनाक्रम में रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है. उनकी सूझबूझ की वजह से अजगर के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया और रेलवे सेवाएं भी बिना किसी व्यवधान के संचालित होती रहीं. एक व्यस्त रेलवे स्टेशन पर सामने आई यह घटना लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है.