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Mangal Nakshatra Parivartan 2026: आज शनि के नक्षत्र में मंगल होंगे एक्टिव! 17 अक्टूबर तक इन 3 राशियों की बढ़ेगी टेंशन, रहें सावधान

Mangal Nakshatra Parivartan 2026: साहस व ऊर्जा के कारक मंगल देव 24 सितंबर 2026 यानी आज शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं और 17 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे. मंगल और शनि के इस नक्षत्र योग से अचानक गुस्सा, निर्णय में जल्दबाजी और कार्यक्षेत्र में अड़चनें आ सकती हैं. जानें किन 3 राशियों को विशेष सतर्क रहना होगा.

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मंगल नक्षत्र परिवर्तन 2026 (Photo: ITG)
मंगल नक्षत्र परिवर्तन 2026 (Photo: ITG)

Mangal Nakshatra Parivartan 2026: वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, भूमि, पराक्रम और सेना का कारक माना जाता है. वहीं शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है, जो पोषण, स्थिरता और शुभता का प्रतीक है. 24 सितंबर 2026 यानी आज मंगल देव पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर शनि के पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra) में प्रवेश करने जा रहे हैं. मंगल का यह नक्षत्र गोचर 17 अक्टूबर 2026 तक रहेगा.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल का शनि के नक्षत्र में जाना कई बार विचारों में अंतर्द्वंद्व, अचानक गुस्सा, स्वास्थ्य समस्याएं और कार्यों में अनपेक्षित अड़चनें पैदा करता है. आज से 17 अक्टूबर के बीच मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन विशेष रूप से 3 राशियों के लिए सतर्क रहने और संभलकर निर्णय लेने का समय रहेगा. आइए जानते हैं कि किन राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है.

मिथुन राशि (Mithun Rashi)
अशुभ प्रभाव: मंगल का यह गोचर आपकी राशि से दूसरे (धन, वाणी व कुटुंब) भाव को प्रभावित करेगा.

रखें ये सावधानियां: आपकी वाणी में आक्रामकता या कड़वाहट आ सकती है, जिससे परिवार के सदस्यों या कार्यस्थल पर लोगों के साथ वाद-विवाद बढ़ सकता है. अचानक कोई बड़ा अप्रत्याशित खर्च सामने आने से बजट बिगड़ सकता है. इस दौरान धन का निवेश करने या किसी को बड़ा उधार देने से बचें.

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तुला राशि (Tula Rashi)
अशुभ प्रभाव: आपके दसवें (कर्म, करियर व बिजनेस) भाव में मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर पेशेवर जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है.

रखें ये सावधानियां: कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों (Boss) या सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है. जल्दबाजी में नौकरी बदलने या किसी व्यावसायिक समझौते पर दस्तखत करने का फैसला नुकसानदेह हो सकता है. अपने काम के प्रति एकाग्र रहें और ऑफिस पॉलिटिक्स से खुद को दूर रखें.

मकर राशि (Makar Rashi)
अशुभ प्रभाव: मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि हैं, और आपके सातवें (दांपत्य, साझेदारी व व्यापार) भाव में मंगल का यह गोचर प्रभाव डालेगा.

रखें ये सावधानियां: जीवनसाथी के साथ छोटी-छोटी बातों पर तनाव या मतभेद हो सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें. बिजनेस पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें; पार्टनर के साथ गलतफहमी पैदा होने के योग हैं. सेहत के प्रति लापरवाही न बरतें, विशेषकर रक्तचाप (BP) या जोड़ों के दर्द से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है.

पुष्य नक्षत्र में मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

- मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी को सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें.

- मंगलवार के दिन किसी जरूरतमंद या मंदिर में लाल मसूर की दाल, गुड़ या लाल वस्त्र दान करें.

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