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दिवाली से पहले धन के देवता होंगे मेहरबान, लक्ष्मी नारायण राजयोग से 3 राशियां होंगी मालामाल

Lakshmi Narayan Rajyog 2026: दिवाली से पहले बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने वाला है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार 3 राशियों को धन लाभ और करियर में तरक्की के संकेत मिल सकते हैं.

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दिवाली से पहले बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने वाला है.
दिवाली से पहले बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने वाला है.

Lakshmi Narayan Rajyog 2026: दिवाली का त्योहार इस साल 8 नवंबर को मनाया जाएगा, लेकिन इससे पहले ग्रहों की स्थिति में भी महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध और शुक्र की युति से बनने वाला लक्ष्मी नारायण राजयोग धन, करियर और कारोबार के लिहाज से खास माना जाता है.  इस योग का असर दिवाली के आसपास भी देखने को मिलेगा. 

कैसे बनता है लक्ष्मी नारायण राजयोग?

ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र को सुख-सुविधा, वैभव और समृद्धि से जोड़ा जाता है.  जब दोनों ग्रह एक ही राशि में साथ आते हैं तो इसे लक्ष्मी नारायण योग कहा जाता है.  इस बार बुध और शुक्र की युति तुला राशि में बनने जा रही है. 

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 26 सितंबर 2026 से यह युति बनने वाली है.  अलग-अलग ज्योतिषीय गणनाओं में योग की अवधि को लेकर अंतर मिल सकता है, इसलिए इसके प्रभाव को कुंडली में ग्रहों की स्थिति और भाव के आधार पर देखा जाता है. 

कुंडली के किस भाव में क्या असर?

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, लक्ष्मी नारायण योग का फल इस बात पर भी निर्भर करता है कि जन्मकुंडली में यह किस भाव में बन रहा है. 

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पहले भाव में यह आत्मविश्वास और व्यक्तित्व से जुड़ा लाभ दे सकता है.  दूसरे भाव में धन और वाणी से जुड़े परिणाम मिल सकते हैं.  तीसरे भाव में पराक्रम और सामाजिक संपर्क मजबूत होने की मान्यता है. 

चौथे भाव को सुख-सुविधा और संपत्ति से जोड़ा जाता है, जबकि पांचवें भाव का संबंध शिक्षा, बुद्धि और संतान से माना जाता है.  छठे भाव में यह कर्ज और प्रतिस्पर्धा से जुड़े मामलों में परिणाम दे सकता है. 

सातवें भाव में साझेदारी और वैवाहिक जीवन, आठवें भाव में अचानक लाभ, नौवें भाव में भाग्य और धर्म, जबकि दसवें भाव में करियर और प्रतिष्ठा से जुड़े परिणाम मिलने की ज्योतिषीय मान्यता है.  ग्यारहवें भाव को आय और लाभ तथा बारहवें भाव को विदेश और खर्च से जोड़ा जाता है. 

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत दे सकता है.  काम में नए अवसर मिल सकते हैं.  वाणी और संवाद कौशल के कारण फायदा मिलने की संभावना है.  अचानक धन लाभ के मौके भी बन सकते हैं. 

तुला राशि

तुला राशि में ही बुध-शुक्र की युति बनने से इस राशि के जातकों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  अटका हुआ पैसा मिलने, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने और करियर में सकारात्मक बदलाव के अवसर बन सकते हैं.  विदेश से जुड़े काम या यात्रा के योग भी बन सकते हैं. 

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मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए भी लक्ष्मी नारायण योग आर्थिक मामलों में लाभकारी माना जा रहा है.  आमदनी के नए स्रोत बनने के अवसर मिल सकते हैं.  कारोबार से जुड़े लोगों को नए काम या विस्तार के मौके मिल सकते हैं.  आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर होने की संभावना है. 

दिवाली के समय क्यों खास है यह योग?

दिवाली को धन और समृद्धि से जुड़ा प्रमुख पर्व माना जाता है.  ऐसे में दिवाली के आसपास बनने वाले ग्रह योगों को ज्योतिष में विशेष महत्व दिया जाता है.  इस बार बुध-शुक्र की युति का समय भी दिवाली के आसपास रहेगा, इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से इसे खास संयोग माना जा रहा है. 

हालांकि, किसी व्यक्ति पर ग्रहों का प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, भाव और दशा समेत कई बातों पर निर्भर माना जाता है.  इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी निश्चित परिणाम का दावा नहीं किया जा सकता. 

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