Karwa Chauth 2026: 29 अक्टूबर को देशभर में सुहागनें करवा चौथ का व्रत रखने वाली हैं. यह व्रत पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना से रखा जाता है. करवा चौथ से पहले सोशल मीडिया पर कुछ रील्स वायरल हो रही है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि इस बार नवविवाहित सुहागनें व्रत नहीं रख सकेंगी. इसकी वजह शुक्र का अस्त होना बताया गया है, जिसमें ज्योतिष में दांपत्य सुख, आकर्षण, सौन्दर्य और प्रेम के कारक ग्रह माना जाता है. सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा सच है या अफवाह. इस बारे में ज्योतिषाचार्य डॉ. अरुणेश कुमार शर्मा ने बताता है.
ज्योतिषविद का कहना है कि नवविवाहित महिलाओं के लिए करवा चौथ पर कोई धार्मिक बाधा नहीं है. शादी के बाद पहले बार करवा चौथ मनाने जा रही सुहागनें पूरे विधि-विधान से व्रत कर सकती हैं. उन्होंने बताया कि शुक्र ग्रह 12 अक्टूबर से अस्त अवस्था में चल रहे हैं. लेकिन 29 अक्टूबर को करवा चौथ की सुबह 6 बजे ही शुक्र उदित हो जाएंगे. यानी जिस ग्रह के अस्त होने के लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, वो करवा चौथ के शुभ अवसर पर ही उदित हो रहा है. ये अपने आप में एक शुभ संकेत है. दिनभर पूजा पाठ, कथा से लेकर शाम को चंद्रोदय में अर्घ्य देने तक शुक्र उदयवान ही रहेंगे.
सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों में यह भी कहा जा रहा है कि करवा चौथ पर भद्रा के कारण नवविवाहितों के लिए व्रत रखना निषेध है. इस पर अरुणेश शर्मा का कहना है कि धर्म सिंधु में कहीं भी भद्रा लगने पर करवा चौथ का व्रत रखने पर कोई पाबंदी नहीं है. वैसे भी 29 अक्टूबर को भद्रा का वास स्वर्ग लोक में रहने वाला है. इस दिन पृथ्वी पर भद्रा लग ही नहीं रही है. इसलिए सुहागनें बिना किसी संकोच के करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं और विधिवत सारी रस्में पूरी कर सकती हैं.
करवा चौथ 2026 की तिथि
हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर की रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी. इस तिथि का समापन उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा. चतुर्थी तिथि के आधार पर महिलाएं 29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखेंगी.
कितने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद?
करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन करने और उन्हें अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है. इस साल 29 अक्टूबर को चंद्रोदय रात करीब 8 बजकर 17 मिनट पर होने का अनुमान है. हालांकि, चांद निकलने का समय हर शहर में अलग हो सकता है. ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय देखना चाहिए, ताकि पूजा और व्रत खोलने की तैयारी सही समय पर की जा सके.