आज गुरु पूर्णिमा है, यानी गुरु की पूजा का दिन. आज ही के दिन वेदों की रचना करने वाले वेदव्यास जी का जन्मदिन भी माना जाता है. वेदव्यास ज्ञान का भंडार थे, उन्हीं की स्मृति में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है. गुरु को ही तीनों देवों यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान माना जाता है. (Photo: ITG)
मान्यता है कि आज के दिन गंगा स्नान करके अपने गुरुओं की पूजा करनी चाहिए और उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए. (Photo: ITG)
वहीं, गुरु पूर्णिमा पर आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए हर की पौड़ी पहुंचे हैं और मां गंगा में स्नान कर पुण्य के भागी बन रहे हैं. (Photo: ITG)
इसी के साथ सावन का कांवड़ मेला भी आज से शुरू हो गया है और बड़ी संख्या में कांवड़िए जल लेने हर की पौड़ी पहुंचे हुए हैं. (Photo: ITG)
ऐसी मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा यानी व्यास पूर्णिमा के दिन भगवान वेदव्यास का इस धरती पर अवतरण हुआ था. इस दिन गंगा स्नान करने के पश्चात अपने गुरु का पूजन करें और अपने दीक्षा गुरु के दर्शन करें. (Photo: ITG)
जिनके गुरु नहीं हैं, वे भगवान शिव का जलाभिषेक करके उन्हें अपना गुरु मान सकते हैं, जिससे व्यक्ति के जीवन का कल्याण होता है. गुरु पूर्णिमा के मौके पर देशभर से श्रद्धालु अपने गुरुओं के पास आते हैं और गंगा में स्नान करने के बाद उनकी पूजा करते हैं. (Photo: ITG)
कहा जाता है कि गुरु पूजन से पहले गंगा स्नान करने से गुरुकृपा के साथ पुण्य की प्राप्ति भी होती है. दुनिया भले ही कितनी बदल गई हो, लोगों के जीने का अंदाज बदल रहा हो, मगर भारतीय संस्कृति की ऐसी अनूठी मिसाल है गुरु पूर्णिमा के मौके पर गुरु पूजन का पर्व, जो हजारों साल बाद भी गुरुओं की महिमा का बखान करने और ज्ञान का सम्मान करने का अवसर देता है. (Photo: AI Generated)