सुप्रीम कोर्ट में आज कांग्रेस नेता शांति धारीवाल को तगड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने एकल पट्टा प्रकरण में आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक पाठक की एसएलपी को स्वीकर की और राजस्थान हाई कोर्ट के क्लीन चिट के फ़ैसले पर रोक लगाते हुए गहलोत सरकार के मंत्री रहे शांति धारीवाल समेत 3 अधिकारियों पर एंटी करप्शन ब्यूरो कोर्ट को सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया है. साथ ही मामले की जांच कर रही एसीबी को अपनी जांच की आगे की कार्रवाई जारी रखने के आदेश दिए हैं.
शांति धारीवाल के वक़ील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनका नाम तो FIR में था ही नहीं, तो फिर ये कार्रवाई क्यों हो रही है? इस पर सुप्रीम कोर्ट ने धारीवाल के वकील से कहा है कि आपको जो कुछ कहना है, आप राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने कहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश इस मामले में छह सप्ताह मे अपने सुनवाई पूरी करेंगे.
ग़ौरतलब है कि एकल पट्टा प्रकरण में एसीबी ने वसुंधरा सरकार के दौरान जांच में शांति धारीवाल समेत तीन अधिकारियों को दोषी माना था, जिस पर एसीबी कोर्ट में कार्रवाई शुरू हुई थी. मगर इस बीच वापस अशोक गहलोत की सरकार आ गई और एसीबी ने क्लीन चिट दे दी, जिसे जयपुर एसीबी कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था. मगर राजस्थान हाईकोर्ट ने उसे मान लिया और आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी.
भजनलाल सरकार ने भी 1 बार अप्रैल 2024 को क्लीन चिट दे दी. मगर हंगामा मचने के बाद एक बार फिर से यू-टर्न लिया और सुप्रीम कोर्ट में केस जारी रखने के लिए ऐफिडेविट दिया था.