Ram Mandir Pran Pratistha: राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान जिस शहद से रामलला का अभिषेक किया जाएगा, वो शहद अलवर में सरिस्का के जंगलों में शुद्ध तरीके से तैयार हुआ है. इस शहद के लिए तुलसी, जामुन व अजवाइन के फूल और पेड़ का इस्तेमाल किया गया. वहीं मधुमक्खियां कश्मीर और कन्याकुमारी की विभिन्न जगहों से लाई गईं. बता दें कि अयोध्या में आगामी 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह होने जा रहा है. यहां भगवान राम के अभिषेक के लिए 125 किलो शुद्ध शहद अयोध्या भेजा गया है.
अलवर से शहद लेकर अयोध्या जाने वाले रथ को जगन्नाथ मंदिर से वन मंत्री संजय शर्मा और सुदर्शनाचार्य ने झंडी दिखाकर रवाना किया. जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी और अलवर के सरिस्का तक विभिन्न जगहों से मधुमक्खियां फूलों से एकत्रित की गईं. इसके बाद यह शहद तैयार हुआ है. राम मंदिर की स्थापना कार्यक्रम के लिए सुदर्शनाचार्य महाराज के पास शहद एकत्रित कराने के लिए कहा गया था.

अयोध्या रवाना होने से पहले शहर में घुमाया गया रथ
अलवर के जगन्नाथ मंदिर से रथ को रवाना होने के पहले रथ को शहर में निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए. शहद निर्माता जितेंद्र गौतम ने बताया कि भगवान श्रीराम के अभिषेक के लिए अलवर में स्पेशल 125 किलो शहद तैयार किया है. इसको कश्मीर से, अलवर से और विभिन्न जगहों से फूलों से एकत्रित मधुमक्खियां द्वारा तैयार कराया गया है. जिसे अयोध्या भेज दिया गया है.
क्या बोले वन मंत्री संजय शर्मा
राजस्थान सरकार में वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि अलवर के लिए गौरव की बात है कि राम मंदिर की स्थापना के लिए जो शहद अभिषेक के लिए भेजा गया है, उसका गौरव अलवर को मिला है. स्थापना कार्यक्रम में भगवान श्रीराम का अभिषेक अलवर में तैयार शहद से होगा. उन्होंने कहा कि ये स्पेशल शहद लेकर रथ रवाना कर दिया है.