राजस्थान में नागौर के थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में अवैध विस्फोटक सामग्री रखने और उसकी सप्लाई करने के आरोपी सुलेमान खान के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरोपी के ठिकाने पर बने अवैध निर्माण और दीवारों को बुलडोजर से ध्वस्त करना शुरू कर दिया है.
सुलेमान खान ने गांव की सरहद में करीब 45 बीघा जमीन पर फार्महाउस जैसा निर्माण कर रखा था. पुलिस जांच में सामने आया कि इस स्थान का इस्तेमाल अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण और कारोबार के लिए किया जा रहा था.
25 जनवरी को नागौर पुलिस ने इस ठिकाने पर छापा मारा था. उस दौरान यहां से करीब 10 टन अमोनियम नाइट्रेट सहित बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी. इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था.
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पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुलेमान खान के खिलाफ पहले से ही विस्फोटक अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज हैं. आरोपी लंबे समय से अवैध तरीके से विस्फोटक सामग्री का कारोबार कर रहा था. इसी कारण स्थानीय लोग उसे ‘बारूद किंग’ के नाम से भी जानते थे.

प्रशासन के अनुसार, आरोपी ने सरकारी और अन्य भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर वहां पक्के निर्माण कर लिए थे. जांच के बाद इन्हें अवैध घोषित किया गया और अब कानून सम्मत प्रक्रिया के तहत उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है.
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही. सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है.
एसआईटी के साथ केंद्रीय एजेंसियां भी कर रहीं मामले की जांच
इस पूरे मामले की जांच केवल स्थानीय पुलिस ही नहीं, बल्कि विशेष जांच टीम (SIT) और केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल में जुटी हुई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री कहां से लाई जा रही थी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था.
डेगाना के तहसीलदार नर्सिंग टाक और डीवाईएसपी जयप्रकाश बेनीवाल ने बताया कि आरोपी द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई जारी है. प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे. प्रशासन का मानना है कि यह कार्रवाई नागौर में अवैध विस्फोटक के काले कारोबार को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में इससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.