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नागौर में सुलेमान खान ने बना रखा था अवैध विस्फोटक का काला साम्राज्य, खुला 45 बीघा फार्महाउस का राज

नागौर में 10 टन अवैध विस्फोटक के साथ गिरफ्तार मुख्य आरोपी सुलेमान खान की पुलिस रिमांड के दौरान तबीयत बिगड़ गई. ब्लड प्रेशर बढ़ने पर उसे थांवला से अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया. मामले में सीआईडी समेत एजेंसियां उसके नेटवर्क की जांच में जुटी हैं.

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सुलेमान खान (Photo: ITG)
सुलेमान खान (Photo: ITG)

नागौर में 10 टन अवैध विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी सुलेमान खान की पुलिस रिमांड के दौरान सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई. आरोपी की हालत बिगड़ते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. नागौर पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे तुरंत थांवला के सरकारी अस्पताल पहुंचाया.

थांवला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि आरोपी का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ है. यहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी हालत को गंभीर मानते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया. सोमवार देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुलेमान खान को अजमेर लाया गया और जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

सुलेमान खान का ब्लड प्रेशर हुआ हाई

इस मामले में सीआईडी समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से पूछताछ की तैयारी में थीं. अब माना जा रहा है कि तबीयत स्थिर होने के बाद अस्पताल में ही या डिस्चार्ज के बाद पूछताछ आगे बढ़ाई जाएगी. गिरफ्तारी से पहले जिला स्पेशल टीम और थांवला थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से बड़ी खेप बरामद की थी.

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खेत से करीब 9550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर और फ्यूज वायर जब्त किए गए थे. शुरुआती जांच में सामने आया कि यह सामग्री अवैध खनन और ब्लास्टिंग में इस्तेमाल हो रही थी. पुलिस का दावा है कि आरोपी रात के समय खनन माफियाओं को विस्फोटक सप्लाई करता था. जांच में यह भी सामने आया कि सुलेमान खान पहले लाइसेंस प्राप्त विस्फोटक मैगजीन चलाता था और उसे तकनीकी जानकारी थी. 

खनन माफियाओं को करता था विस्फोटक सप्लाई

लाइसेंस खत्म होने के बाद उसने अवैध गतिविधियां शुरू कर दीं. उसके खिलाफ 2014 और 2020 में भी विस्फोटक अधिनियम के तहत मामले दर्ज हो चुके हैं. उसका ठिकाना भैरंदा और हरसौर के बीच जंगली इलाके में बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं. आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

जांच में सामने आया है कि 58 वर्षीय सुलेमान खान पहले लाइसेंस प्राप्त विस्फोटक मैगजीन का संचालन करता था और उसे बारूद बनाने, भंडारण करने और सप्लाई से जुड़ी पूरी तकनीकी जानकारी थी. लंबे समय तक इस क्षेत्र में काम करने के कारण वह विस्फोटक सामग्री से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं से अच्छी तरह परिचित था. लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद उसने अवैध तरीके से विस्फोटक का कारोबार शुरू कर दिया.

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पुलिस के अनुसार, सुलेमान खान का मुख्य अड्डा भैरुंदा और हरसौर के बीच स्थित जंगली इलाका था. यहीं से वह विस्फोटक सामग्री को अलग-अलग स्थानों पर भेजता था. शनिवार को पुलिस ने हरसौर गांव के एक खेत से 187 कट्टों में भरा करीब 9550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

सप्लाई से जुड़ी पूरी तकनीकी जानकारी सुलेमान के पास थी

पुलिस रिकॉर्ड में यह भी सामने आया है कि सुलेमान खान के खिलाफ पहले से ही विस्फोटक अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं.साल  2014 में थांवला थाने में, वर्ष 2020 में पादूकलां थाने में और इसी वर्ष अलवर के चौपासनी थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज किए गए थे. बावजूद इलके वह लंबे समय तक अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहा.

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