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'सर, मेरे पिता आपकी बात नहीं मान रहे', दिग्गज BJP नेता की PM मोदी से शिकायत, बेटे की पोस्ट पर यूजर्स ने लिए मजे

हरियाणा बीजेपी प्रभारी सतीश पूनिया के बेटे महीप पूनिया ने X पर पीएम मोदी से अपने पिता की शिकायत की. जानें भीषण गर्मी के बीच इस मजेदार 'घरेलू' डिजिटल शिकायत पर यूजर्स ने कैसे लिए मजे...

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जब बीजेपी प्रभारी सतीश पूनिया पर भारी पड़ी बेटे की डिजिटल शिकायत.(Photo:ITG)
जब बीजेपी प्रभारी सतीश पूनिया पर भारी पड़ी बेटे की डिजिटल शिकायत.(Photo:ITG)

देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और लू का प्रकोप चल रहा है. इस स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मई को अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से देशवासियों के लिए एक विस्तृत और संजीदा पोस्ट शेयर किया था. पीएम ने लोगों से सावधानी बरतने, खुद को हाइड्रेटेड रखने और दोपहर की तेज धूप में बुजुर्गों व प्रियजनों को बाहर न निकलने की सलाह देने का आग्रह किया था.

इसी पोस्ट को री-ट्वीट करते हुए राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वर्तमान हरियाणा बीजेपी प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया के बेटे महीप पूनिया ने प्रधानमंत्री से अपने पिता की शिकायत कर दी.

महीप पूनिया ने लिखा, "सर मेरे पिता आपकी बात नहीं मान रहे और हरियाणा संगठन की बैठक ले रहे हैं… आप कहिए एक बार."

महीप के ट्वीट पर यूजर्स ने लिए मजे 
महीप पूनिया का यह घरेलू और मजाकिया अंदाज में किया गया ट्वीट सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, जिस पर यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने लिखा, "क्षमाप्रार्थी सर.. आपके पिताजी 5 स्टार जिंदगी जी रहे हैं. AC गाड़ी, AC हॉल, AC होटल, शानदार भोजन और ठंडाई... प्रधानमंत्री जी की बात 'गरीब मजदूर और दिहाड़ी पर काम करने वाले गरीबों के लिए है'."

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एक अन्य यूजर ने भी इसी सुर में लिखा, "भाई आपके पिताजी एसी गाड़ी में चलते हैं, एसी रूम में रहते हैं, फाइव स्टार दिनचर्या जीते हैं. मोदी जी की अपील उन परिवारों के लिए है जो मजदूरी या खेती करते हैं. आपके कर्म अच्छे हैं जो ए1 लग्जरी लाइफ जी रहे हैं."

पूनिया जी के स्वभाव की तारीफ
वहीं एक अन्य शख्स ने सतीश पूनिया के काम के प्रति समर्पण की तारीफ करते हुए लिखा, "ये शिकायत तो सही की पूनियां जी ना गर्मी देखते ना सर्दी. कोविड में दो बार चपेट में आने के बावजूद भी आराम से नहीं बैठे. खैर ये उनका स्वभाव है."

एक अन्य यूजर ने चुनावी हार को जोड़ते हुए लिखा, "बताओ चुनाव हारने के बाद भी अपने बच्चों को समय नहीं दे रहे... फिर भी भाजपा वाले हरियाणा का प्रभारी बना दिए, जो खुद की सीट नहीं जीत पाए."

कौन हैं बीजेपी नेता डॉ. सतीश पूनिया?
डॉ. सतीश पूनिया राजस्थान भाजपा के बेहद कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाते हैं. चूरू के एक किसान परिवार में जन्मे पूनिया के पिता प्रधान और ताऊ स्वतंत्रता सेनानी थे. उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से भूगोल में Ph.D. और LLB की डिग्री हासिल की है.

छात्र राजनीति से ही संघ और भाजपा संगठन में सक्रिय रहे पूनिया ने अपना पहला चुनाव साल 2000 में सादुलपुर से लड़ा, लेकिन वे हार गए. साल 2018 में उन्होंने आमेर विधानसभा सीट से शानदार जीत दर्ज की और वे राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष भी रहे. हालांकि, साल 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें आमेर सीट से हार का सामना करना पड़ा. वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी के हरियाणा प्रभारी के रूप में संगठन की कमान संभाल रहे हैं.

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शिकायत करने वाले बेटे का प्रोफाइल
पिता की पीएम मोदी से डिजिटल शिकायत करने वाले उनके बेटे महीप पूनिया ने इंजीनियरिंग की है और वे दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से MBA (Finance) की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं.

PM नरेंद्र मोदी ने अपनी अपील में क्या कहा था?
27 मई को किए गए अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से इस प्रचंड गर्मी में संवेदनशील और सतर्क रहने की अपील करते हुए X पर लिखा, देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं. मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें. कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें. ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है. यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें. मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूँगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके.

अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं. उसे पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके. बच्चे, बुज़ुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं. समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है. ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है. 

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जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें. उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें. 

इस प्रचंड गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए. अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है. आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें.

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