राजस्थान के किशनगढ़ कस्बे में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 545 किलो कथित सिंथेटिक और बदबूदार पनीर जब्त किया है. जांच के बाद पनीर को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि यदि यह खेप बाजार तक पहुंच जाती तो बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था.
जानकारी के अनुसार, किशनगढ़ पुलिस नियमित गश्त पर थी. इसी दौरान एक सफेद रंग की ईको कार संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी. पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली तो उसमें प्लास्टिक की करीब 15 कैनों में कुल 545 किलो पनीर भरा मिला. वाहन में मौजूद दो युवकों से पूछताछ की गई, जिन्होंने अपनी पहचान आदिल खान और मुनव्वर के रूप में बताई.
प्राथमिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि पनीर मेवात क्षेत्र से लाया जा रहा था और इसे नारनौल तथा राजस्थान के झुंझुनू जिले के आसपास 180 से 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचने की योजना थी. इसके बाद पुलिस ने तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दी.
सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पनीर की जांच के दौरान उसमें तेज बदबू और गंदगी पाई गई. अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं था. इसके बाद 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act), 2006' के प्रावधानों के तहत पनीर का नमूना लिया गया और आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया.
इसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरी खेप को नष्ट करने का निर्णय लिया. जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर 545 किलो पनीर को जमीन में दबाकर नष्ट कर दिया गया, ताकि यह दोबारा बाजार में न पहुंच सके.