कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ आया है. करीब 22 दिनों तक बिना किसी कसूर के कानपुर सेंट्रल जेल में रहने के बाद शालू अब पूरी तरह आजाद हैं. खुद कानपुर पुलिस ने गहन जांच के बाद अदालत में शालू की बेगुनाही के सबूत पेश किए और उनकी रिहाई की सिफारिश की. पुलिस तफ्तीश में यह साफ हो गया कि इस हत्या के पीछे शालू का कोई हाथ नहीं था, बल्कि असली साजिशकर्ता उनका पति सुब्रत ही था. देखें वारदात