अकाल तख्त की ओर से भगवंत मान को 'गुरु विरोधी' और 'खालसा पंथ विरोधी' करार दिए जाने के बाद सियासी और धार्मिक गलियारों में घमासान तेज हो गया है. एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान इस पूरे विवाद को अपने खिलाफ चलाया जा रहा राजनीतिक प्रोपेगेंडा बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ SGPC और विपक्षी दल अकाल तख्त के फैसले को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.